खाड़ी देशों पर ईरान का बड़ा हमला, सऊदी और दुबई में भारी नुकसान, भारतीय नागरिकों की भी गई जान
ईरान द्वारा खाड़ी देशों (GCC) के नागरिक और महत्वपूर्ण ठिकानों पर हाल ही में किए गए हमलों ने पूरे क्षेत्र में चिंता बढ़ा दी है. सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), कुवैत और बहरीन में ड्रोन और मिसाइल से लगातार हमले हुए हैं. इन हमलों में जान-माल का भारी नुकसान हुआ है, जिसमें सऊदी अरब के अल-खर्ज में काम करने वाले भारतीय और बांग्लादेशी नागरिक भी शामिल हैं. गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (GCC) ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का सीधा उल्लंघन बताया है.
हमलों से कहाँ और कितना हुआ नुकसान
ईरान की ओर से दागे गए ड्रोन और मिसाइलों ने कई अहम जगहों और आम नागरिक क्षेत्रों को निशाना बनाया है.
- सऊदी अरब: 12 मार्च 2026 को रियाद के डिप्लोमैटिक क्वार्टर की तरफ आ रहे ड्रोन को सऊदी एयर डिफेंस ने हवा में ही नष्ट कर दिया. वहीं अल-खर्ज में एक रिहायशी इलाके पर हुए हमले में 12 लोग घायल हुए और 2 विदेशी (भारतीय और बांग्लादेशी) मजदूरों की मौत हो गई.
- दुबई: क्रीक हार्बर (Creek Harbour) इलाके में एक रिहायशी इमारत पर ड्रोन टकराने से आग लग गई. दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास भी हमले की खबर आई, जिसमें 4 लोग घायल हुए हैं.
- कुवैत: कुवैत के ऊर्जा मंत्रालय के अनुसार, मलबे की वजह से छह बिजली ट्रांसमिशन लाइनें खराब हो गई हैं. कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट को भी ड्रोन से निशाना बनाया गया.
- बहरीन: अल-मुहर्रक इलाके में फ्यूल स्टोरेज सुविधाओं पर ड्रोन से हमला किया गया, जिससे राजधानी के ऊपर धुएं का गुबार देखा गया.
सरकार और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्या कदम उठाए गए
गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (GCC) के महासचिव जसीम मोहम्मद अल-बुदैवी ने इन हमलों की कड़ी निंदा की है. उन्होंने कहा कि नागरिक और राजनयिक ठिकानों को निशाना बनाना पूरी तरह से गलत है. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UN Security Council) ने भी 11 मार्च 2026 को प्रस्ताव 2817 पास करके ईरान के हमलों की निंदा की है. इस प्रस्ताव के पक्ष में 13 वोट पड़े जबकि रूस और चीन ने वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया.
GCC देशों ने साफ किया है कि संयुक्त रक्षा समझौते के तहत एक देश पर हमला सभी पर हमला माना जाएगा. सऊदी कैबिनेट ने भी अपने क्षेत्र, नागरिकों और निवासियों की रक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाने का निर्देश दिया है. इसके साथ ही यूएन चार्टर के अनुच्छेद 51 के तहत देशों ने आत्मरक्षा के अधिकार का इस्तेमाल करने की बात कही है.
प्रवासियों और आम लोगों पर असर
खाड़ी देशों में लाखों भारतीय और एशियाई देशों के लोग काम करते हैं. रिहायशी इलाकों और एयरपोर्ट जैसी जगहों पर हुए हमलों के बाद आम लोगों और प्रवासियों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता का माहौल है. इन हमलों में अब तक 12 नागरिकों की जान जा चुकी है. ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इन हमलों की जिम्मेदारी ली है. स्थानीय सरकारें हालात पर नजर बनाए हुए हैं और सुरक्षा एजेंसियां बचाव व सुरक्षा के हर संभव इंतजाम कर रही हैं.




