Iran Middle East Attack: ईरान के हमले के बाद $115 के पार पहुंचा कच्चा तेल, गैस की कीमतों में 30% का भारी उछाल
मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर पहुंच गया है। 19 मार्च 2026 को ईरान ने कतर, यूएई, सऊदी अरब और कुवैत के एनर्जी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया। इस घटना के बाद इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमत 115 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है। गैस की कीमतों में भी 30 परसेंट का उछाल देखा गया है। खाड़ी देशों में इस तनाव का सीधा असर ग्लोबल एनर्जी सप्लाई और मार्केट पर पड़ रहा है।
इन देशों के एनर्जी ठिकानों को बनाया गया निशाना
ईरान ने कतर के रास लफान इंडस्ट्रियल सिटी पर हमला किया, जो दुनिया का सबसे बड़ा LNG प्लांट है। यूएई के हबशान गैस फैसिलिटी और बाब फील्ड पर भी मिसाइलें दागी गईं, जिसके बाद वहां ऑपरेशन बंद कर दिया गया। सऊदी अरब ने रियाद की तरफ आती चार बैलिस्टिक मिसाइलों को बीच में ही मार गिराया। कुवैत की मीना अल-अहमदी रिफाइनरी पर भी ड्रोन से हमला हुआ है। इन हमलों से खाड़ी देशों की सुरक्षा पर बड़ा खतरा पैदा हो गया है।
- कतर के रास लफान में हमले की वजह से काफी नुकसान हुआ है।
- यूएई ने अपनी सुरक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाने की बात कही है।
- सऊदी अरब ने कहा कि इस हमले से राजनयिक संबंधों को भारी नुकसान पहुंचा है।
तेल और गैस की कीमतों पर क्या हुआ असर?
मार्केट में सप्लाई रुकने के डर से ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 115 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चली गई है। यह पिछले एक हफ्ते में सबसे ज्यादा रेट है। यूरोप में गैस की कीमतों में अचानक 30 परसेंट की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर यह तनाव जारी रहा तो आने वाले दिनों में ईंधन के दाम और बढ़ सकते हैं। खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों के लिए भी यह चिंता का विषय है क्योंकि इससे सामानों की कीमतें प्रभावित हो सकती हैं।
| एनर्जी आइटम | ताज़ा अपडेट और कीमत |
|---|---|
| कच्चा तेल (Brent Crude) | 115 डॉलर प्रति बैरल के पार |
| गैस की कीमतें (Europe) | 30% से ज़्यादा की बढ़ोतरी |
| प्रभावित क्षेत्र | कतर, यूएई, सऊदी और कुवैत |
अमेरिका और कतर का बड़ा एक्शन
कतर ने इस हमले को अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताया है और ईरानी सैन्य अधिकारियों को 24 घंटे के अंदर देश छोड़ने का आदेश दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर चेतावनी दी है कि अगर ईरान ने हमले जारी रखे, तो अमेरिका ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड को पूरी तरह तबाह कर देगा। ट्रंप ने यह भी कहा कि इजरायल ने ईरान पर जो हमला किया था, उसमें अमेरिका की कोई भूमिका नहीं थी। फ्रांस ने भी ऊर्जा और पानी की सप्लाई जैसे नागरिक ठिकानों पर हमले रोकने की अपील की है।




