ईरान ने कुवैत में अमेरिकी बेस और इसराइल पर किया बड़ा हमला, 5 अप्रैल को दागे कई ड्रोन और मिसाइल.
ईरान और इसराइल के बीच का तनाव अब एक भीषण युद्ध का रूप ले चुका है। 5 अप्रैल 2026 को ईरान ने एक बार फिर बड़े हमले किए हैं, जिसमें कुवैत में अमेरिकी सेना के बेस और इसराइल के बड़े उद्योगों को निशाना बनाया गया है। ईरान की न्यूज़ एजेंसी IRNA के मुताबिक, यह कार्रवाई उन हमलों का जवाब है जो अमेरिका और इसराइल ने ईरान पर किए थे। इस ताजा हमले के बाद खाड़ी देशों में तेल और बिजली की सप्लाई पर बुरा असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है क्योंकि कई प्लांट को सीधा नुकसान हुआ है।
किन-किन जगहों पर हुए हमले और क्या हुआ नुकसान?
ईरान की सेना और IRGC ने इस बार कई देशों में एक साथ ड्रोन और मिसाइल हमले किए हैं। इस हमले में मुख्य रूप से तेल और गैस से जुड़ी कंपनियों और विदेशी सेना के अड्डों को निशाना बनाया गया है ताकि सप्लाई चेन को चोट पहुंचाई जा सके।
- कुवैत: यहां के अश-शुएबा पोर्ट और कैंप आरिफजान में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया गया है। कुवैत के तेल मंत्रालय की बिल्डिंग में भी ड्रोन हमले से नुकसान हुआ है।
- इसराइल: हाइफा शहर की तेल रिफाइनरी पर हमले से वहां काफी तबाही हुई है और आग लगने की खबरें हैं।
- UAE: रुवैस इंडस्ट्रियल सिटी में एक पेट्रोकेमिकल प्लांट में आग लग गई जिससे वहां काम रोकना पड़ा है।
- बहरीन: बाप्को (Bapco) कंपनी के स्टोरेज में ड्रोन हमले से आग लगने की पुष्टि हुई है जिसे बाद में बुझा लिया गया।
खाड़ी में रहने वाले प्रवासियों और आम जनता पर क्या होगा असर?
इन हमलों की वजह से कुवैत में बिजली और पानी बनाने वाले दो बड़े प्लांट को नुकसान पहुंचा है। कुवैत के मंत्रालय ने कहा है कि बिजली उत्पादन की दो यूनिट बंद करनी पड़ी हैं, जिससे आने वाले दिनों में बिजली की समस्या हो सकती है। खाड़ी देशों में रहने वाले लाखों भारतीय प्रवासियों के लिए यह स्थिति काफी चिंताजनक है क्योंकि औद्योगिक इलाकों में हमलों से काम और सुरक्षा दोनों पर असर पड़ता है। यूएई और बहरीन में भी तेल कंपनियों के ठिकानों पर हमले होने से वहां रहने वाले लोग डरे हुए हैं।
| प्रभावित देश | प्रभावित जगह | ताजा स्थिति |
|---|---|---|
| कुवैत | बिजली और पानी प्लांट | दो जनरेशन यूनिट बंद |
| यूएई | रुवैस प्लांट | काम अस्थायी रूप से बंद |
| बहरीन | Bapco स्टोरेज | आग पर काबू पाया गया |
| इसराइल | हाइफा रिफाइनरी | भारी माल का नुकसान |




