Iran Statement: ईरान ने खाड़ी में बढ़ती अशांति का ज़िम्मेदार US और Israel को बताया, फ्रांस के विदेश मंत्री से हुई अहम बातचीत
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बैरोट के साथ फोन पर अहम बातचीत की है। इस दौरान ईरान ने साफ तौर पर कहा कि मध्य पूर्व और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जो असुरक्षा बढ़ रही है, उसके पीछे केवल अमेरिका और इसराइल की हरकतें जिम्मेदार हैं। ईरान ने अन्य देशों से अपील की है कि वे जिम्मेदारी से काम लें और ऐसे किसी भी कदम से बचें जो युद्ध को भड़काने का काम करे। यह बातचीत खाड़ी क्षेत्र में बढ़ रहे तनाव को कम करने की कोशिशों का हिस्सा है।
फ्रांस और ईरान के बीच फोन पर क्या बात हुई?
फ्रांस लगातार कोशिश कर रहा है कि खाड़ी देशों में किसी भी बड़े युद्ध को रोका जा सके। इसी कड़ी में फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बैरोट ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से संपर्क किया। फोन पर हुई इस बातचीत में मुख्य रूप से समुद्र के रास्तों की सुरक्षा और बढ़ते तनाव को कम करने पर चर्चा हुई।
ईरान के विदेश मंत्री ने फ्रांस को बताया कि खाड़ी क्षेत्र में जो भी मौजूदा हालात हैं, उसके लिए अमेरिका और इसराइल ही इकलौते कारण हैं। उनका कहना था कि इन दोनों देशों के दखल के कारण ही पूरे क्षेत्र में अशांति फैल रही है। ईरान ने विदेशी ताकतों को इस मामले से दूर रहने की नसीहत दी है ताकि हालात सामान्य हो सकें।
Strait of Hormuz से जुड़े अहम फैक्ट्स जो आपको जानने चाहिए
होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) दुनिया भर के व्यापार के लिए एक बहुत जरूरी समुद्री रास्ता है। इसके रास्ते से हर दिन बड़ी मात्रा में तेल और जरूरी सामान खाड़ी देशों से बाहर ले जाया जाता है। अगर इस रास्ते पर कोई भी खतरा होता है, तो उसका सीधा असर दुनिया भर के व्यापार और अर्थव्यवस्था पर पड़ता है।
- यह रास्ता अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून के तहत ग्लोबल ट्रेड का एक अहम रूट माना जाता है।
- ईरान का कहना है कि इस रास्ते की सुरक्षा तब तक पक्की नहीं हो सकती जब तक अमेरिका और इसराइल अपनी सेना की गतिविधियां बंद नहीं करते।
- इस इलाके में शांति बनी रहना उन सभी लोगों के लिए बहुत जरूरी है जो खाड़ी देशों में रहते हैं या वहां काम करते हैं।
फ्रांस और ईरान के बीच हुई यह बातचीत कूटनीतिक स्तर पर तनाव को कम करने की एक अहम पहल मानी जा रही है। इसका मकसद है कि खाड़ी क्षेत्र में जहाजों की आवाजाही बिना किसी रोक-टोक और डर के चलती रहे और किसी भी तरह के सैन्य टकराव से बचा जा सके।




