ईरान के बुशहर और बंदर अब्बास में 5 अप्रैल 2026 को जोरदार धमाके हुए हैं। बुशहर न्यूक्लियर पावर प्लांट के पास एक प्रोजेक्टाइल हमला होने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। इस घटना में परमाणु प्लांट की एक सहायक इमारत को काफी नुकसान पहुंचा है और एक सुरक्षा गार्ड की जान चली गई है। यह हमला उस समय हुआ है जब क्षेत्र में तनाव पहले से ही बना हुआ है।

परमाणु प्लांट पर हमले से जुड़ी खास बातें

  • ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन (AEOI) ने पुष्टि की है कि प्लांट की एक बाहरी सहायक बिल्डिंग हमले की चपेट में आई है।
  • IAEA यानी अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने बताया है कि हमले के बाद रेडिएशन के स्तर में फिलहाल कोई बढ़त नहीं हुई है।
  • रूस की सरकारी कंपनी Rosatom ने सुरक्षा को देखते हुए अपने करीब 200 रूसी कर्मचारियों को प्लांट से हटा लिया है।
  • IAEA प्रमुख राफेल ग्रोसी ने चिंता जताते हुए कहा कि न्यूक्लियर साइट्स पर हमले से परमाणु हादसे का खतरा बढ़ जाता है।

खाड़ी देशों के लिए क्या है बड़ी चेतावनी

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने इस हमले की निंदा की है और पड़ोसी खाड़ी देशों को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि परमाणु ठिकानों को निशाना बनाने से पूरे क्षेत्र में रेडियोधर्मी कचरा फैल सकता है जो सबके लिए खतरनाक है। ईरान ने इन हमलों के पीछे अमेरिका और इसराइल का हाथ होने का आरोप लगाया है। इसके अलावा माहशहर में पेट्रोकेमिकल प्लांट और बंदर खमीर में सीमेंट फैक्ट्री को भी निशाना बनाया गया है। खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों के लिए यह चिंताजनक खबर है क्योंकि ऐसी घटनाओं का असर पर्यावरण और सुरक्षा पर सीधा पड़ता है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.