ईरान ने USS Abraham Lincoln पर मिसाइल हमले का किया दावा, अमेरिका ने बताया झूठ
मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। ईरान ने दावा किया है कि उसने अमेरिका के एयरक्राफ्ट कैरियर USS Abraham Lincoln को निशाना बनाया है। यह घटना 5 मार्च 2026 की बताई जा रही है। हालांकि, अमेरिका ने इन दावों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। दोनों देशों के बीच बयानों का यह दौर खाड़ी क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा रहा है।
ईरान ने क्या दावा किया है?
ईरानी स्टेट मीडिया और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने जानकारी दी है कि उन्होंने Operation True Promise 4 के तहत यह कार्रवाई की है। ईरान का कहना है कि उनकी नौसेना की ड्रोन यूनिट्स और बैलिस्टिक मिसाइलों ने ओमान के समुद्र में मौजूद अमेरिकी जहाज को हिट किया है।
IRGC के प्रवक्ता ने बताया कि यह उनकी जवाबी कार्रवाई की 19वीं लहर थी। उन्होंने दावा किया कि हमले के बाद अमेरिकी जहाज और उसके साथ चल रहे अन्य सुरक्षा जहाजों को इलाके से करीब 1000 किलोमीटर पीछे हटना पड़ा। ईरान का कहना है कि जब अमेरिकी जहाज उनकी समुद्री सीमा के 340 किलोमीटर पास आया, तब उसे निशाना बनाया गया।
अमेरिका ने हमले की खबर को बताया गलत
दूसरी तरफ, अमेरिका की सेंट्रल कमांड (CENTCOM) और पेंटागन ने ईरान के इन दावों को साफ तौर पर झूठ बताया है। अमेरिकी अधिकारियों ने कहा है कि USS Abraham Lincoln पूरी तरह सुरक्षित है और अपना काम सामान्य रूप से कर रहा है।
CENTCOM के बयान के मुताबिक, ईरानी मिसाइलें जहाज के आसपास भी नहीं गिरीं। जहाज से उड़ानों का संचालन अभी भी जारी है। इसके अलावा, सोशल मीडिया पर जहाज में आग लगने के जो वीडियो वायरल हो रहे हैं, उन्हें जांच एजेंसियों ने फेक या पुराना बताया है। यह फुटेज पुराने हादसों या कंप्यूटर ग्राफिक्स का इस्तेमाल करके बनाए गए हैं।
खाड़ी देशों में रहने वालों पर इसका असर
इस तनाव का सीधा असर खाड़ी देशों (Gulf Countries) की अर्थव्यवस्था और वहां रहने वाले लोगों पर दिख रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के पास जहाजों को निशाना बनाए जाने की खबरों से कच्चे तेल (Oil Prices) की कीमतों में उछाल आया है।
गल्फ और उत्तरी इजराइल के कई इलाकों में हवाई हमले के सायरन सुनाई दे रहे हैं, जिससे वहां रह रहे आम लोगों और भारतीय प्रवासियों में चिंता का माहौल है। अमेरिका और इजराइल मिलकर Operation Epic Fury चला रहे हैं, जिसका मकसद ईरानी मिसाइल साइट्स को खत्म करना बताया गया है।





