ईरान का बड़ा बयान, कहा हमने युद्ध शुरू नहीं किया लेकिन हुआ भारी नुकसान, मुआवजे की मांग के साथ दी नई चेतावनी
ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच चल रहे युद्ध में एक नया मोड़ आया है। ईरान ने आधिकारिक तौर पर बयान जारी कर कहा है कि उसने यह जंग शुरू नहीं की थी, लेकिन इस संघर्ष में उसे बहुत ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा है। ईरान अब अपने नुकसान के लिए मुआवजे की मांग कर रहा है। 29 मार्च 2026 को ईरान की Revolutionary Guard ने पश्चिम एशिया में मौजूद अमेरिकी यूनिवर्सिटी के लिए भी एक बड़ी चेतावनी जारी की है, जिससे इलाके में तनाव और बढ़ गया है।
ईरान युद्ध के ताजा आंकड़े और बड़े अपडेट्स
ईरान में चल रहे इस संघर्ष ने आम जनता और बुनियादी ढांचे को गहरी चोट पहुंचाई है। हालात को समझने के लिए नीचे दिए गए आंकड़ों पर नजर डालें:
| विवरण | ताजा जानकारी (29 मार्च 2026 तक) |
|---|---|
| ईरान में कुल मौतें | 1,900 से ज्यादा लोगों की जान गई |
| क्षतिग्रस्त इमारतें | 81,000 से अधिक घर, स्कूल और अस्पताल तबाह हुए |
| UAE पर हमला | Emirates Global Aluminium प्लांट पर हमला, 6 लोग घायल |
| बहरीन पर हमला | Aluminium Bahrain प्लांट में 2 कर्मचारी घायल हुए |
| हूती विद्रोहियों का रोल | यमन के हूतियों ने इजरायल पर मिसाइल दागने का दावा किया |
| परमाणु केंद्र अपडेट | Bushehr Nuclear Plant के पास हमले की खबर आई |
ईरान की शर्तें और अमेरिका को दी गई समय सीमा
ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने कहा है कि वे कूटनीतिक कोशिशों को लेकर शंकित हैं क्योंकि अमेरिका की मांगें तर्कहीन हैं। ईरान ने युद्ध रोकने के लिए कुछ शर्तें रखी हैं, जिनमें भविष्य में हमलों की गारंटी और युद्ध के नुकसान की भरपाई शामिल है। इसी बीच, ईरान की सेना ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने ईरानी यूनिवर्सिटी पर बमबारी की निंदा सोमवार दोपहर 12 बजे तक नहीं की, तो वे पश्चिम एशिया में अमेरिकी यूनिवर्सिटी को निशाना बना सकते हैं। वहां के कर्मचारियों और छात्रों को कैंपस से कम से कम एक किलोमीटर दूर रहने की सलाह दी गई है।
खाड़ी देशों और प्रवासियों पर इसका प्रभाव
UAE और बहरीन में औद्योगिक ठिकानों पर हुए हमलों ने वहां रहने वाले प्रवासियों, विशेषकर भारतीयों और अन्य कामगारों के बीच चिंता बढ़ा दी है। ईरान ने पड़ोसी देशों को चेतावनी दी है कि वे अपनी जमीन का इस्तेमाल युद्ध के लिए न होने दें। हालांकि, एक राहत भरी खबर यह है कि ईरान संयुक्त राष्ट्र के अनुरोध पर Strait of Hormuz के जरिए मानवीय मदद और अनाज ले जाने वाले जहाजों को रास्ता देने के लिए तैयार हो गया है। पाकिस्तान, तुर्की, मिस्र और सऊदी अरब के विदेश मंत्री इस्लामाबाद में मिलकर इस जंग को रोकने की कोशिशों में जुटे हैं।




