Iran ने किया ऐलान, Strait of Hormuz को किया कंट्रोल में, 97% जहाजों का रास्ता रुका
ईरान की सेना IRGC के नेवी कमांडर Alireza Tangsiri ने एक बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को पूरी तरह से बंद नहीं किया है बल्कि इसे पूरी तरह कंट्रोल किया जा रहा है. अब इस अहम रास्ते से गुजरने वाले सभी जहाजों को ईरान की सेना से परमिशन लेनी होगी. अमेरिका और इजरायल से जुड़े जहाजों की एंट्री पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है जिसका सीधा असर दुनिया भर के व्यापार पर पड़ रहा है.
क्या हैं नए नियम और पाबंदियां
ईरान के नए सुप्रीम लीडर Mojtaba Khamenei के आदेश के बाद इस जलडमरूमध्य में सख्त वॉरटाइम नियम लागू कर दिए गए हैं. IRGC नेवी अब इस बात की जांच कर रही है कि कौन सा जहाज वहां से गुजरेगा. अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के जहाजों को इस रास्ते से जाने की मनाही है. बिना परमिशन के आने वाले जहाजों को रोका जा रहा है. जानकारी के मुताबिक Express Rome और Mayuree Naree जैसे जहाजों पर नियम तोड़ने के कारण कार्रवाई भी की गई है.
व्यापार और आम लोगों पर असर
UNCTAD की रिपोर्ट के अनुसार, इस नए नियम के बाद जहाजों की आवाजाही 97 प्रतिशत तक रुक गई है. बड़ी शिपिंग कंपनियां जैसे Maersk और Hapag-Lloyd ने अपने जहाजों का रास्ता बदल दिया है. अब ये जहाज Cape of Good Hope होकर जा रहे हैं जिससे उनके सफर में 10 से 14 दिन का ज्यादा समय लग रहा है. इस बदलाव के कारण गल्फ देशों की सप्लाई चेन और सामानों की कीमतों पर सीधा असर पड़ सकता है जिससे वहां रह रहे प्रवासियों की जेब पर बोझ बढ़ सकता है.
अमेरिकी बेस पर किए गए हमले
नेवी कमांडर ने यह भी जानकारी दी कि 14 मार्च को IRGC की नेवी ने तीन अमेरिकी बेस (Al-Dhafra, Sheikh Issa और Al-Adiri) पर हमला किया. इन हमलों में उनके टावर और बैटरी को नुकसान पहुंचाया गया है. ईरान की ओर से यह सख्त चेतावनी दी गई है कि अगर उनके एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर किसी ने हमला किया तो वे पूरे रीजन में जवाबी कार्रवाई करेंगे. विदेश मंत्रालय ने भी कहा है कि जो भी जहाज सुरक्षित गुजरना चाहता है उसे IRGC के साथ मिलकर चलना होगा.




