ईरान ने सीजफायर की खबरों को बताया गलत, कहा अब युद्ध और बातचीत का नाटक नहीं चलेगा
ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा तनाव एक नए मोड़ पर आ गया है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने साफ तौर पर कहा है कि वह युद्ध, बातचीत और फिर सीजफायर के अंतहीन चक्र को अब और बर्दाश्त नहीं करेगा। ईरान के प्रवक्ता Esmail Baghaei ने अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है जिसमें कहा गया था कि ईरान ने सीजफायर की गुहार लगाई है। ईरान का मानना है कि इस तरह के सीजफायर से केवल दुश्मनों को फिर से हमला करने के लिए समय मिलता है।
ईरान और अमेरिका के बीच जुबानी जंग के मुख्य बिंदु क्या हैं?
- ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araqchi ने कहा है कि उनका देश केवल युद्ध का पूर्ण खात्मा चाहता है।
- राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने अमेरिकी जनता के नाम पत्र लिखकर कहा है कि उन्हें युद्ध के असली कारणों को समझना चाहिए।
- ईरान के सुप्रीम लीडर Ayatollah Mojtaba Khamenei ने इजरायल विरोधी ताकतों को समर्थन जारी रखने का संकल्प लिया है।
- संसद अध्यक्ष Mohammad Bagher Ghalibaf ने साफ किया कि ईरान कभी भी अपमानजनक शर्तों पर समझौता नहीं करेगा।
- ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति के उस दावे को भी गलत बताया जिसमें कहा गया था कि ईरान में सत्ता परिवर्तन हो गया है।
खाड़ी क्षेत्र में अभी सैन्य स्थिति कैसी है?
क्षेत्र में तनाव बढ़ने के बाद सैन्य हलचल काफी तेज हो गई है। ईरान की Revolutionary Guard ने घोषणा की है कि Strait of Hormuz पूरी तरह से उनके नियंत्रण में है और दुश्मनों के लिए इसे नहीं खोला जाएगा। अमेरिका ने अपनी ताकत दिखाने के लिए USS George H.W. Bush एयरक्राफ्ट कैरियर और 82nd Airborne Division के हजारों सैनिकों को मिडिल ईस्ट में तैनात कर दिया है। 1 अप्रैल को एक तेल टैंकर AQUA 1 पर भी हमला हुआ है, जिससे समुद्री व्यापार को लेकर चिंता बढ़ गई है।
क्या इस संकट को टालने के लिए बातचीत हो रही है?
हालांकि ईरान ने सीधी बातचीत से इनकार किया है, लेकिन पाकिस्तान जैसे देश अमेरिका और ईरान के बीच संदेश पहुंचाने का काम कर रहे हैं। तुर्की और मिस्र भी इस विवाद को सुलझाने के लिए मध्यस्थता की पेशकश कर रहे हैं। ईरान का कहना है कि अगर उसे भविष्य में हमलों के खिलाफ पुख्ता गारंटी मिले, तभी वह युद्ध को खत्म करने पर विचार करेगा। फिलहाल इजरायल की ओर से लेबनान में हवाई हमले और ईरान की ओर से इजरायल पर मिसाइल हमले जारी रहने की खबरें हैं।




