Iran Missile Attack Update: डिएगो गार्सिया बेस पर हमले से ईरान का इनकार, इजरायल की साजिश करार दिया
ईरान ने हिंद महासागर में स्थित डिएगो गार्सिया (Diego Garcia) सैन्य बेस पर मिसाइल हमले के दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने इन खबरों को इजरायल का एक फॉल्स फ्लैग (False Flag) ऑपरेशन और गलत जानकारी फैलाने की कोशिश बताया है। यह बेस अमेरिका और ब्रिटेन द्वारा संयुक्त रूप से संचालित किया जाता है और ईरान का कहना है कि दुनिया अब इस तरह की मनगढ़ंत कहानियों से थक चुकी है।
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ईरान ने दावों को भौतिक रूप से असंभव क्यों बताया?
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई (Esmaeil Baqaei) ने 23 मार्च 2026 को सोशल मीडिया पर अपना बयान जारी किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान की मिसाइल क्षमता के आधार पर यह हमला संभव नहीं था। ईरान के पक्ष में निम्नलिखित प्रमुख तर्क दिए गए हैं:
- डिएगो गार्सिया की दूरी ईरान से लगभग 4,000 किलोमीटर है।
- ईरान के विदेश मंत्री के अनुसार, तेहरान ने अपनी मिसाइलों की सीमा जानबूझकर 2,000 किलोमीटर तक सीमित रखी है।
- ईरान ने कहा कि 4,000 किलोमीटर दूर निशाना लगाना उनकी वर्तमान मिसाइल तकनीक के हिसाब से नामुमकिन है।
- प्रवक्ता ने इसे इजरायल द्वारा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भ्रम फैलाने की कोशिश बताया है।
इस हमले पर ब्रिटेन और नाटो (NATO) की क्या राय है?
इस कथित हमले को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। जहां इजरायल इसे ईरान की बढ़ती ताकत के रूप में देख रहा है, वहीं अन्य संगठन सावधानी बरत रहे हैं। इस मामले में अब तक की आधिकारिक जानकारी इस प्रकार है:
| संबंधित पक्ष | आधिकारिक बयान/स्थिति |
|---|---|
| ब्रिटेन (UK) | ब्रिटिश मंत्री स्टीव रीड ने कहा कि उनके आकलन के अनुसार ईरान ने निशाना साधा था लेकिन मिसाइलें निशाने पर नहीं लगीं। |
| नाटो (NATO) | महासचिव मार्क रुट्टे ने कहा कि वे इजरायल के इन दावों की पुष्टि नहीं कर सकते कि ये ईरानी मिसाइलें थीं। |
| वॉल स्ट्रीट जर्नल | रिपोर्ट के अनुसार दो मिसाइलें छोड़ी गई थीं, जिनमें से कोई भी बेस तक नहीं पहुंच सकी। |
| इजरायल | इजरायली सेना का दावा है कि ईरान अब यूरोप के बर्लिन, पेरिस और रोम जैसे शहरों को निशाना बनाने में सक्षम है। |




