Hormuz Strait Update: ईरान ने ज़रूरी सामान वाले जहाजों के लिए खोला रास्ता, अब हॉर्मुज़ से गुज़र सकेंगे कार्गो शिप.
ईरान सरकार ने हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से ज़रूरी सामान ले जाने वाले समुद्री जहाजों को गुज़रने की औपचारिक मंजूरी दे दी है। तस्नीम समाचार एजेंसी के मुताबिक, यह फैसला 4 अप्रैल 2026 को लिया गया ताकि मानवीय सहायता और बुनियादी सामानों की सप्लाई को आसान बनाया जा सके। फरवरी 2026 से जारी तनाव और पाबंदियों के बाद यह एक बड़ी राहत मानी जा रही है, जिससे वैश्विक व्यापार और ऊर्जा बाज़ार को थोड़ी स्थिरता मिलने की उम्मीद है।
किन जहाजों को मिली है अनुमति और क्या हैं नए नियम?
ईरान के कृषि मंत्रालय और सशस्त्र बलों के सहयोग से जारी इस आदेश में साफ किया गया है कि अब मानवीय मदद, खाद्य पदार्थ और पशुओं के चारे जैसे ज़रूरी सामान ले जाने वाले जहाज ईरानी बंदरगाहों तक जा सकेंगे। इसके लिए जहाजों को कुछ खास प्रोटोकॉल का पालन करना होगा।
- जहाजों को ईरानी अधिकारियों के साथ तालमेल बिठाना होगा और तय किए गए ट्रांजिट नियमों का पालन करना होगा।
- ओमान की खाड़ी और ईरानी बंदरगाहों की ओर जाने वाले जहाजों को अपनी जानकारी पहले साझा करनी होगी।
- चीन, भारत और पाकिस्तान जैसे देशों के जहाजों को इस गलियारे से गुज़रने में प्राथमिकता मिल रही है।
- ईरान एक टोलगेट सिस्टम पर भी विचार कर रहा है, जहाँ देशों को उनके संबंधों के आधार पर अलग-अलग कैटेगरी में रखा जा सकता है।
वैश्विक व्यापार और आम लोगों पर इसका क्या असर होगा?
हॉर्मुज़ के रास्ते जहाजों की आवाजाही शुरू होने से तेल और गैस की कीमतों में स्थिरता आने की उम्मीद है। भारत और चीन जैसे एशियाई देशों को जाने वाले कच्चे तेल और एलपीजी (LPG) टैंकरों ने इस ईरानी कॉरिडोर का इस्तेमाल फिर से शुरू कर दिया है। इससे पहले हॉर्मुज़ के रास्ते में जहाजों की संख्या में 90 प्रतिशत तक की भारी गिरावट देखी गई थी।
शिपिंग कंपनियों और व्यापार विशेषज्ञों का कहना है कि इस फैसले से खाने-पीने की चीज़ों और खाद की बढ़ती कीमतों पर लगाम लगेगी। संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने पहले भी मानवीय आधार पर इस रास्ते को खोलने की अपील की थी। फिलहाल चीन और अन्य देशों की कोशिशें रंग ला रही हैं और समुद्री यातायात धीरे-धीरे सामान्य हो रहा है।




