Iran-Israel Conflict: ईरान का बड़ा दावा, इजरायली आसमान अब सुरक्षित नहीं, डिमोना हमले के बाद दी चेतावनी
ईरान और इजरायल के बीच तनाव अब एक गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। शनिवार, 21 मार्च 2026 को ईरान ने इजरायल के डिमोना और अराद शहरों पर मिसाइल हमले किए, जिसके बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। इन हमलों के तुरंत बाद ईरान के सैन्य कमांडरों ने दावा किया कि इजरायल का सुरक्षा घेरा अब कमजोर पड़ चुका है और उनके पास इजरायली आसमान पर नियंत्रण करने की ताकत आ गई है।
हमले में कितना नुकसान हुआ और ईरान ने क्या चेतावनी दी?
डिमोना और अराद में हुए इन मिसाइल हमलों में 100 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं, जिनमें कई बच्चे भी शामिल हैं। ईरान के IRGC एयरोस्पेस फोर्स के प्रमुख मेजर जनरल सैयद माजिद मूसावी ने बयान दिया कि अब मिसाइल दबदबा ईरान के पास है। उन्होंने चेतावनी दी कि आने वाले समय में नई तकनीक और नए लॉन्च सिस्टम से ऐसे हमले किए जाएंगे जो अमेरिका और इजरायल को पूरी तरह हैरान कर देंगे। ईरानी संसद के स्पीकर ने भी कहा कि डिमोना जैसे सुरक्षित इलाके में मिसाइल का गिरना यह बताता है कि इजरायली सुरक्षा अब भरोसेमंद नहीं रही।
इजरायल की जवाबी कार्रवाई और गल्फ देशों पर इसका असर क्या है?
इजरायल ने ईरान के इस हमले को युद्ध अपराध और आतंकवाद करार दिया है। इजरायली रक्षा मंत्री ने साफ किया है कि आने वाले दिनों में ईरान के सरकारी बुनियादी ढांचे पर हमले काफी बढ़ा दिए जाएंगे। रात के समय इजरायल ने ईरान के मिसाइल उत्पादन केंद्रों और तेहरान में कुछ खास ठिकानों पर भारी बमबारी भी की है।
| देश/संस्था | ताजा अपडेट और स्थिति |
|---|---|
| इजरायल | ईरान के मिसाइल केंद्रों और परमाणु रिसर्च सेंटरों पर जवाबी हमला किया |
| सऊदी अरब | ईरान के मिलिट्री अताशे और चार दूतावास कर्मचारियों को देश से निकाला |
| UAE | ईरानी हवाई हमलों का सामना करने की जानकारी दी गई |
| IAEA | डिमोना परमाणु केंद्र सुरक्षित है और कोई रेडिएशन नहीं फैला है |
| अमेरिका | ईरान के खार्ग द्वीप पर पहले ही सटीक हमले कर चुका है |
ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते इस टकराव का असर खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों पर भी पड़ रहा है। सऊदी अरब ने कड़ा रुख अपनाते हुए ईरानी दूतावास के कुछ कर्मचारियों को वापस भेज दिया है। UAE ने भी अपने क्षेत्र में हवाई खतरों की बात कही है, जिससे वहां काम करने वाले भारतीय और अन्य विदेशी नागरिकों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।





