इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान की बड़ी बैठक, युद्ध रोकने की कोशिश, जे.डी. वेंस और ईरानी टीम आमने-सामने.
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में एक बहुत बड़ी मीटिंग हो रही है. इसे ‘इस्लामाबाद वार्ता’ कहा जा रहा है, जिसमें दोनों देश युद्ध को रोकने और युद्धविराम को आगे बढ़ाने पर बात कर रहे हैं. इस बातचीत में अमेरिका के उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस और ईरान के बड़े नेताओं ने हिस्सा लिया है.
इस बड़ी बैठक में कौन-कौन शामिल है
इस वार्ता में अमेरिका, ईरान और पाकिस्तान के बड़े अधिकारी मौजूद हैं. पाकिस्तान यहाँ मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है और दोनों देशों के बीच बातचीत करवा रहा है.
| पक्ष | प्रमुख सदस्य |
|---|---|
| अमेरिकी टीम | जे.डी. वेंस, स्टीव विटकॉफ, जेरेड कुशनेर |
| ईरानी टीम | मोहम्मद बाकर गालिबाफ, अब्बास अराक्ची, अली बाघेरी कानी |
| पाकिस्तानी टीम | शहबाज शरीफ, इशाक डार, मोहसिन नकवी, असीम मुनीर |
दोनों देशों की शर्तें और मुख्य विवाद क्या हैं
ईरान की मांग है कि उसकी विदेशों में जमी हुई संपत्ति वापस मिले और लेबनान में पूरी तरह युद्धविराम हो. वहीं अमेरिका ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान ने धोखा दिया तो उसे इसका सामना करना पड़ेगा. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने होर्मुज जलडमरूमध्य को साफ करने की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही है. शनिवार सुबह तक दोनों पक्षों के बीच कोई समझौता नहीं हो पाया है.
इस बातचीत का मकसद और अभी की स्थिति क्या है
इस मीटिंग का मुख्य लक्ष्य पूरे इलाके में चल रहे क्षेत्रीय संघर्ष को खत्म करना है. 1979 के बाद से यह दोनों देशों के बीच सबसे अहम बातचीत मानी जा रही है. अभी यह मामला बहुत संवेदनशील है क्योंकि दोनों देशों की मांगों में काफी अंतर है. तकनीकी टीमें अलग-अलग कमिटियों के जरिए बातचीत को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रही हैं.




