Hormuz Strait Tension: अमेरिका ने ईरान के पोर्ट्स की की घेराबंदी, चीन ने दुनिया को चेतावनी दी, तेल की कीमतों में उछाल
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब चरम पर पहुंच गया है। अमेरिका ने ईरान के सभी बंदरगाहों की घेराबंदी कर दी है, जिससे दुनिया भर में हड़कंप मच गया है। इस बीच चीन ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से शांति बनाए रखने और संयम बरतने की अपील की है ताकि वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा पर कोई आंच न आए।
अमेरिका और ईरान के बीच क्या हुआ?
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 12 अप्रैल 2026 को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में नौसेना की नाकाबंदी करने की धमकी दी थी। इसके बाद 13 अप्रैल को अमेरिकी सेना ने दोपहर 14:00 GMT बजे से ईरान के सभी बंदरगाहों की घेराबंदी शुरू कर दी। ईरान ने इस कदम को समुद्री डकैती बताया है और कहा है कि वह इस रास्ते को नियंत्रित करने के लिए अपना स्थायी सिस्टम लागू करेगा।
चीन और रूस का क्या कहना है?
चीन ने साफ किया है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की आवाजाही बिना किसी रुकावट के होनी चाहिए। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने कहा कि इस रास्ते की सुरक्षा पूरी दुनिया के हित में है। इससे पहले चीन और रूस ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में एक प्रस्ताव को भी वीटो कर दिया था, क्योंकि उन्हें लगा कि वह ईरान के खिलाफ था।
आम लोगों और बाजार पर क्या असर पड़ेगा?
इस पूरे विवाद के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में अचानक तेजी आई है। अगर यह तनाव बढ़ता है, तो दुनिया भर में ईंधन महंगा हो सकता है। पाकिस्तान में अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता हुई थी, लेकिन वह नाकाम रही, जिससे अब स्थिति और ज्यादा गंभीर हो गई है।




