ईरान ने इसराइल पर दागीं मिसाइलें, दुबई और अबू धाबी में भी गिरा मलबा, कई प्लांट हुए बंद.
ईरान और इसराइल के बीच तनाव अब खतरनाक मोड़ पर आ गया है। 4 अप्रैल 2026 को ईरान ने इसराइल की तरफ सीधी मिसाइलें दागी हैं। इस हमले की वजह से पूरे खाड़ी क्षेत्र में अलर्ट जारी कर दिया गया है। सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि मिसाइलों को हवा में मार गिराने के दौरान उनका मलबा दुबई और अबू धाबी के कई इलाकों में गिरा है। इससे खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और स्थानीय लोगों के बीच काफी डर का माहौल है और कई अहम जगहों पर कामकाज रोक दिया गया है।
ℹ: ईरान के Hormozgan में ड्रोन हमला, सीमेंट प्लांट और बंदरगाहों को बनाया निशाना, कई जगह लगी आग।
UAE और खाड़ी देशों पर हमलों का क्या असर पड़ा?
- दुबई में अमेरिकी क्लाउड कंपनी ओरेकल (Oracle) की बिल्डिंग समेत दो इमारतों पर मिसाइल का मलबा गिरा है।
- अबू धाबी के अल तवीला (Al Taweelah) कॉम्प्लेक्स में मिसाइल हमले से काफी नुकसान हुआ है, जिसके बाद काम बंद करना पड़ा।
- अबू धाबी में ही हबशान (Habshan) गैस फैसिलिटी पर मलबा गिरने के बाद वहां का ऑपरेशन रोक दिया गया है।
- बहरीन में ड्रोन के टुकड़ों की चपेट में आने से चार लोग घायल हुए हैं और कई घरों को नुकसान पहुंचा है।
- इराक ने हमलों के डर से ईरान के साथ लगती अपनी शलमचेह (Shalamcheh) सीमा को पूरी तरह बंद कर दिया है।
मिसाइल हमलों और जवाबी कार्रवाई का पूरा डेटा
| घटना | प्रभाव और नुकसान |
|---|---|
| ईरानी मिसाइल हमला | ईरान ने अब तक 9 से ज्यादा मिसाइलें इसराइल पर दागी हैं। |
| इसराइली शहरों में असर | बेनी ब्रैक शहर में एक व्यक्ति घायल हुआ और नेगेव की फैक्ट्री में आग लग गई। |
| इसराइल का पलटवार | इसराइली सेना ने तेहरान में हथियारों की फैक्ट्रियों और लेबनान में हिजबुल्लाह के पुलों को तबाह कर दिया। |
| विमानों की स्थिति | ईरान में अमेरिका का एक F-15 विमान गिर गया है और फारस की खाड़ी में A-10 विमान गिरने का दावा किया गया है। |
| परमाणु केंद्र के पास हमला | ईरान के बुशहर न्यूक्लियर प्लांट के पास हमला हुआ है जिसमें एक गार्ड की जान चली गई। |
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्या चल रहा है?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि उनका सैन्य अभियान अपने लक्ष्यों के करीब है। व्हाइट हाउस का दावा है कि उन्होंने ईरान की नेवी और प्रोडक्शन प्लांट को काफी नुकसान पहुंचाया है। दूसरी तरफ पाकिस्तान इस कोशिश में लगा है कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत शुरू कराई जा सके ताकि युद्ध को रोका जा सके। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में बहरीन ने होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखने के लिए सैन्य बल के इस्तेमाल की बात कही है, लेकिन रूस और चीन जैसे देश इसके खिलाफ नजर आ रहे हैं। तुर्की ने भी किसी भी देश पर हमले का समर्थन करने से इनकार किया है।




