Iran Israel Conflict: ईरान ने इज़राइल पर दागी मिसाइलें, खाड़ी देशों में भी बढ़ा तनाव और प्रवासियों के लिए बदले नियम
1 अप्रैल 2026 को ईरान ने इज़राइल के मध्य हिस्से में कई मिसाइलें दागी हैं जिसके बाद वहां अलर्ट जारी कर दिया गया है। इज़राइली सेना (IDF) ने भी जवाब में ईरान के तेहरान में बड़े हमले किए हैं जिससे वहां भारी नुकसान हुआ है। इस तनाव की वजह से खाड़ी देशों में रह रहे प्रवासियों के लिए भी नई पाबंदियां लागू कर दी गई हैं और सुरक्षा बढ़ा दी गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि यह युद्ध अगले कुछ हफ्तों में शांत हो सकता है।
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इज़राइल और ईरान के बीच हुए हमलों की मुख्य बातें
इज़राइली सेना ने बताया कि ईरान की तरफ से दागी गई मिसाइलों की वजह से पेटाह टिकवा (Petah Tikva) जैसे इलाकों में काफी तबाही हुई है। हमलों में कम से कम 14 लोग घायल हुए हैं और कई लोगों की जान भी गई है। इज़राइल ने जवाबी कार्रवाई में ईरान पर 16,000 से ज्यादा बम गिराए हैं और दावा किया है कि इस हमले में ईरान के 2,000 से ज्यादा सैनिक और कमांडर मारे गए हैं। लेबनान की तरफ से भी इज़राइल पर मिसाइलें दागी गई हैं जिससे सीमा पर तनाव चरम पर है।
खाड़ी देशों में क्या हालात हैं और प्रवासियों पर क्या असर हुआ?
- UAE: संयुक्त अरब अमीरात ने ईरानी नागरिकों के देश में आने या वहां से गुजरने (Transit) पर रोक लगा दी है। फुजैराह में एक बांग्लादेशी नागरिक की मौत ड्रोन हमले के मलबे की वजह से हुई है।
- Kuwait: कुवैत के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर ईरानी ड्रोन हमले की खबर है जिससे वहां ईंधन टैंकों में आग लग गई थी।
- Bahrain: बहरीन में एक व्यापारिक केंद्र में आग लगी है जिसे अधिकारियों ने ईरानी आक्रामकता से जुड़ा बताया है।
- Security: खाड़ी देशों में काम करने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए सुरक्षा और यात्रा नियमों में बदलाव किए जा रहे हैं।
युद्ध से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी एक नज़र में
| स्थान | घटना की जानकारी | प्रभाव | |
|---|---|---|---|
| सेंट्रल इज़राइल | ईरानी मिसाइल हमले | 14 घायल और भारी नुकसान | |
| तेहरान, ईरान | इज़राइली हवाई हमले | 800 से ज्यादा स्ट्राइक और भारी जनहानि | |
| कुवैत एयरपोर्ट | ईरानी ड्रोन हमला | ईंधन टैंकों में आग लगी | |
| UAE | वीज़ा और प्रवेश पर रोक | ईरानी नागरिकों का प्रवेश बंद |
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने धमकी दी है कि अगर उनके नेताओं को निशाना बनाया गया तो वे अमेरिका की बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों जैसे Apple और Google को भी निशाना बना सकते हैं। फिलहाल खाड़ी देशों में हवाई यातायात और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कड़े कदम उठाए जा रहे हैं ताकि आम नागरिकों और प्रवासियों को सुरक्षित रखा जा सके।




