Iran Saudi Tension: ईरान ने सऊदी के Yanbu पोर्ट पर हमले की दी धमकी, अमेरिका से बढ़ते तनाव के बीच नया अलर्ट

Aanya1 April 20262 min read11 viewsSaudi

ईरान और अमेरिका के बीच चल रही तनातनी अब सऊदी अरब तक पहुँच गई है। ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने उसकी ज़मीन पर ज़मीनी हमला किया, तो वह सऊदी अरब के महत्वपूर्ण Yanbu पोर्ट और यूएई के Fujairah तेल परिसर को निशाना बनाएगा। ईरान की ओर से यह बयान ऐसे समय में आया है जब पूरे क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंताएँ बढ़ गई हैं और आम नागरिकों को सावधान रहने को कहा गया है।

ईरान ने किस तरह की चेतावनी जारी की है?

ईरान के उपराष्ट्रपति Esmael Saghab Esfahani ने मार्च 2026 के आखिरी दिनों में साफ़ कहा कि अगर अमेरिकी सेना ईरान की मिट्टी पर कदम रखती है, तो Yanbu और Fujairah जैसे ठिकानों पर हमला किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस स्थिति में कच्चे तेल की कीमत 150 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुँच जाएगी। इसके साथ ही ईरान के Revolutionary Guards ने आम लोगों को अमेरिकी सेना के ठिकानों, उनके काम करने वाली जगहों और उनके रुकने वाले होटलों से तुरंत दूर रहने की सलाह दी है ताकि किसी भी हमले की स्थिति में जान का नुकसान न हो।

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सऊदी अरब के Yanbu पोर्ट का महत्व और सुरक्षा स्थिति

Yanbu पोर्ट सऊदी अरब के लिए कच्चे तेल के निर्यात का एक बहुत ज़रूरी रास्ता माना जाता है। खासकर जब समुद्री रास्तों पर विवाद हो, तब यहाँ से तेल भेजना आसान होता है। हालांकि अभी सऊदी अरब के सभी टर्मिनल और पोर्ट सामान्य रूप से चल रहे हैं, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं। इस तनाव से जुड़ी कुछ मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:

  • ईरान ने अपने सहयोगियों को रेड सी में जहाजों पर निगरानी बढ़ाने को कहा है
  • Yanbu की SAMREF रिफाइनरी पर मार्च में एक छोटा ड्रोन हमला हुआ था
  • सऊदी अरब के पोर्ट फिलहाल बिना किसी रुकावट के काम कर रहे हैं
  • ईरान के अधिकारियों ने अमेरिकी सैनिकों के साथ-साथ उनके क्षेत्रीय पार्टनर्स को भी चेतावनी दी है
  • खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों को भीड़भाड़ वाले और संवेदनशील सैन्य इलाकों से बचने की सलाह है

ईरान की संसद के स्पीकर ने भी सेना की तैयारी की तारीफ की है और कहा है कि अगर दुश्मन हमला करता है तो उसे भारी कीमत चुकानी होगी। खाड़ी देशों में काम करने वाले प्रवासियों के लिए यह स्थिति महत्वपूर्ण है क्योंकि किसी भी तरह का तनाव तेल की कीमतों और सुरक्षा नियमों पर सीधा असर डाल सकता है।

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