ईरान और इज़राइल के बीच परमाणु ठिकानों पर हमला, डिमोना में मिसाइल गिरने से 39 लोग घायल
ईरान और इज़राइल के बीच चल रहा संघर्ष अब परमाणु ठिकानों तक पहुँच गया है, जिससे क्षेत्र में भारी तनाव पैदा हो गया है। 21 मार्च 2026 को अमेरिका और इज़राइल ने ईरान के नतान्ज़ (Natanz) परमाणु संयंत्र पर हमले किए। इसके तुरंत बाद जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरान ने इज़राइल के डिमोना (Dimona) परमाणु केंद्र पर मिसाइल दाग दी। इज़राइली सेना ने पुष्टि की है कि मिसाइल सीधे एक बिल्डिंग पर गिरी है, जिसमें कम से कम 39 लोग घायल हुए हैं।
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हमले के बाद की वर्तमान स्थिति क्या है?
ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन ने बताया कि नतान्ज़ यूरेनियम संवर्धन केंद्र को निशाना बनाया गया था। राहत की बात यह है कि अभी तक किसी भी प्रकार के रेडियोधर्मी रिसाव की सूचना नहीं मिली है। अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने भी स्पष्ट किया है कि साइट के बाहर रेडिएशन के स्तर में कोई बढ़ोतरी नहीं देखी गई है। वहीं दूसरी ओर, इज़राइल के डिमोना रिसर्च सेंटर के पास हुए धमाके ने सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रमुख घटनाक्रम और आधिकारिक बयान
| तारीख | घटनाक्रम |
|---|---|
| 21 मार्च 2026 | अमेरिका और इज़राइल ने ईरान के नतान्ज़ परमाणु केंद्र पर हमला किया। |
| 21 मार्च 2026 | ईरान ने जवाब में इज़राइल के डिमोना साइट पर मिसाइल हमला किया। |
| 22 मार्च 2026 | इज़राइली रक्षा मंत्री ने ईरान पर हमले तेज़ करने की चेतावनी दी। |
रूस के विदेश मंत्रालय ने ईरान के परमाणु केंद्र पर हमले को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है। अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने दोनों देशों से संयम बरतने की अपील की है ताकि किसी बड़े परमाणु हादसे से बचा जा सके। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि वे ईरान को परमाणु क्षमता हासिल करने से रोकने के अपने लक्ष्यों के करीब पहुँच रहे हैं। इज़राइली रक्षा मंत्री काट्ज़ ने रविवार से हमलों में और तेज़ी लाने का ऐलान किया है।




