Iran-Israel War: अमेरिका ने सऊदी अरब से वापस बुलाए नागरिक, UAE में मिसाइल हमले जारी
ईरान, इस्राइल और अमेरिका के बीच चल रहा युद्ध अब और गंभीर हो गया है। 10 मार्च 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, इस युद्ध का असर अब सिर्फ मैदान में नहीं बल्कि सोशल मीडिया और कूटनीतिक स्तर पर भी दिख रहा है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है, जबकि दूसरी तरफ यूएई (UAE) अपने ऊपर हो रहे मिसाइल हमलों को रोक रहा है। खाड़ी देशों में रहने वाले और काम करने वाले प्रवासियों के लिए भी यह एक चिंता का विषय बन गया है।
🗞️: Oman ने यमन और सोमालिया में भेजा रमज़ान का राशन, 1 लाख से ज्यादा लोगों को मिलेगा खाना।
खाड़ी देशों में मौजूदा हालात और प्रवासियों पर असर
इस युद्ध का सीधा असर खाड़ी देशों पर पड़ रहा है। यूएई के रक्षा मंत्रालय ने बताया है कि उनकी एयर डिफेंस प्रणाली ईरान की तरफ से आ रहे मिसाइल और ड्रोन को हवा में ही नष्ट कर रही है। बहरीन के मनामा में भी कुछ हमलों की खबर मिली है। तुर्की के गाजियांटेप में भी नाटो (NATO) ने एक ईरानी मिसाइल को रोका है।
इन हालातों को देखते हुए अमेरिकी विदेश विभाग ने सऊदी अरब और तुर्की के अदाना से अपने गैर-जरूरी कर्मचारियों और उनके परिवारों को वापस बुलाने का आदेश दिया है। 28 फरवरी से अब तक 36,000 से ज्यादा अमेरिकी नागरिक मिडल ईस्ट छोड़कर वापस जा चुके हैं। पूरे मिडल ईस्ट के लिए लेवल 4 यानी ‘यात्रा न करें’ की एडवाइजरी जारी है, जिसका असर यहां रहने वाले और सफर करने वाले आम लोगों पर भारी पड़ रहा है।
अमेरिका और इस्राइल की रणनीति
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा है कि अगर ईरान Strait of Hormuz को ब्लॉक करने की कोशिश करता है, तो अमेरिका पहले से 20 गुना ज्यादा ताकत से हमला करेगा। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि युद्ध जल्द खत्म हो सकता है और इस बारे में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से भी बात की गई है। दुनिया भर में तेल की सप्लाई ठीक रखने के लिए अमेरिका ने कुछ तेल प्रतिबंधों में छूट दी है।
दूसरी तरफ इस्राइल की सेना (IDF) ने तेहरान और इस्फहान में ईरान के ठिकानों पर बड़े हमले किए हैं। इस्राइल का दावा है कि उसने ईरान के 75% मिसाइल लॉन्चर नष्ट कर दिए हैं। इस्राइल ने ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामनेई को भी निशाना बनाने से इनकार नहीं किया है। दक्षिण लेबनान में भी इस्राइली सेना हिजबुल्लाह के ठिकानों पर कार्रवाई कर रही है।
ईरान की चेतावनी और सोशल मीडिया वॉर
ईरान की सेना IRGC ने साफ कर दिया है कि युद्ध कब खत्म होगा, यह वही तय करेंगे। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर हमले नहीं रुके तो इस इलाके से तेल की एक भी बूंद बाहर नहीं जाने दी जाएगी। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने अमेरिका के साथ किसी भी तरह की बातचीत से मना कर दिया है और कहा है कि वे लंबे युद्ध के लिए तैयार हैं।
अल जज़ीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, यह युद्ध जमीन के साथ-साथ इंटरनेट पर भी लड़ा जा रहा है। दोनों पक्ष अपनी बातों को सही साबित करने के लिए ट्विटर और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का जमकर इस्तेमाल कर रहे हैं। राजनैतिक बयानबाजी और डिजिटल लड़ाई के बीच आम लोगों और प्रवासियों के लिए सही जानकारी पाना काफी अहम हो गया है।




