कुवैत हमले में जान गंवाने वाले भारतीय मजदूर का शव जल्द आएगा भारत, राजदूत ने खुद जाकर की मुलाकात
कुवैत में हाल ही में हुए एक हमले में एक भारतीय मजदूर की दुखद मृत्यु हो गई है। कुवैत स्थित भारतीय दूतावास अब उनके पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द भारत भेजने की कोशिशों में जुटा है। भारत की राजदूत परमिता त्रिपाठी ने खुद सोमवार को सेंट्रल मॉर्चरी का दौरा किया और कुवैती अधिकारियों से प्रक्रिया को तेज करने को कहा। यह घटना रविवार शाम को एक बिजली और पानी के प्लांट पर हुए हमले के दौरान हुई थी। दूतावास की टीम लगातार स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर कागजी कार्रवाई पूरी कर रही है ताकि मृतक के परिवार को ज्यादा इंतजार न करना पड़े।
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दूतावास और राजदूत ने अब तक क्या कदम उठाए हैं?
भारतीय दूतावास मृतक के परिवार के लगातार संपर्क में बना हुआ है। राजदूत परमिता त्रिपाठी ने 30 मार्च 2026 को उस जगह का दौरा किया जहां शव रखा गया है। उन्होंने कुवैत के जनरल डिपार्टमेंट ऑफ क्रिमिनल एविडेंस के अधिकारियों से मुलाकात की और कानूनी औपचारिकताओं को जल्दी पूरा करने पर जोर दिया। राजदूत ने कुवैती प्रशासन द्वारा दी जा रही त्वरित और संवेदनशील मदद के लिए उनका आभार जताया है।
हमले के बारे में क्या है ताजा जानकारी?
रविवार 29 मार्च 2026 की शाम को कुवैत के बिजली और जल विलवणीकरण संयंत्र पर हमला हुआ था। कुवैत के संबंधित मंत्रालय ने पुष्टि की है कि संयंत्र की एक सर्विस बिल्डिंग पर हमला हुआ था। इसके अलावा कुवैती रक्षा बलों ने पिछले 24 घंटों में अपनी हवाई सीमा में 14 बैलिस्टिक मिसाइलों और 12 ड्रोन का पता लगाकर उन्हें नाकाम किया है। पश्चिम एशिया में चल रहे इस संघर्ष पर भारत के विदेश मंत्रालय ने गहरी चिंता जताई है और सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है।
घटना से जुड़ी कुछ मुख्य बातें
- मृत्यु की तारीख: 28-29 मार्च 2026 के बीच हुई।
- राजदूत का दौरा: 30 मार्च 2026 को राजदूत परमिता त्रिपाठी ने मॉर्चरी का दौरा किया।
- संघर्ष का असर: विदेश मंत्रालय के अनुसार इस संघर्ष में अब तक 8 भारतीयों की जान जा चुकी है।
- अंतर्राष्ट्रीय प्रतिक्रिया: कतर ने कुवैत पर हुए इस हमले की कड़ी निंदा की है।
भारत सरकार और विदेश मंत्रालय लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हाल ही में सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस से क्षेत्रीय सुरक्षा और ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमलों को लेकर चर्चा की थी। दूतावास का कहना है कि उनकी प्राथमिकता मृतक के पार्थिव शरीर को सम्मान के साथ जल्द से जल्द उनके घर तक पहुंचाना है।




