ईरान और इज़राइल के बीच चल रहे तनाव के 10वें दिन एक बड़ी कूटनीतिक हलचल देखने को मिली है। ईरान के उप विदेश मंत्री अली बघेरी कनी ने पुष्टि की है कि चीन, रूस और फ्रांस ने युद्ध विराम (Ceasefire) को लेकर ईरानी सरकार से संपर्क किया है। यह खबर ऐसे समय में आई है जब खाड़ी क्षेत्र में तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें 114 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं और Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही पर बड़ा खतरा बना हुआ है।

शांति के लिए दुनिया के बड़े देशों ने क्या कदम उठाए हैं?

ईरान के विदेश मंत्रालय के अनुसार, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से करीब एक घंटे फोन पर बात की है ताकि इस संकट को जल्दी खत्म किया जा सके। चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने भी राजनीतिक समाधान पर जोर दिया है। वहीं फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने Strait of Hormuz को सुरक्षित रखने के लिए एक डिफेंस मिशन शुरू करने की बात कही है। इन देशों की कोशिश है कि सैन्य कार्रवाई को तुरंत रोककर कूटनीतिक बातचीत शुरू की जाए।

इस युद्ध का आम आदमी और वैश्विक बाज़ार पर क्या असर पड़ा है?

क्षेत्र असर और आंकड़े
कच्चा तेल (Oil Price) कीमतें 114 डॉलर प्रति बैरल के पार हुई
शेयर बाज़ार (Stock Market) भारतीय और वैश्विक बाज़ारों में 3% की भारी गिरावट
नेचुरल गैस यूरोप में गैस की कीमतों में 30% का उछाल
सुरक्षा अलर्ट सऊदी अरब ने शयबाह तेल क्षेत्र पर ड्रोन हमला नाकाम किया

खाड़ी में रहने वाले प्रवासियों और भारतीयों के लिए यह स्थिति काफी गंभीर है क्योंकि दुनिया की 20% तेल सप्लाई इसी रास्ते से होती है। तेल महंगा होने से आने वाले दिनों में भारत और अन्य देशों में पेट्रोल और डीजल के दामों में बढ़ोतरी की संभावना बढ़ गई है। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने भी मिसाइल हमलों की ताकत बढ़ाने की चेतावनी दी है जिससे संकट और गहरा सकता है। फिलहाल सभी की निगाहें रूस और चीन के शांति प्रस्तावों पर टिकी हुई हैं।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.