Saudi Arabia Oil Update: सऊदी अरब की तेल निर्यात क्षमता 50 लाख बैरल प्रतिदिन पहुंची, लाल सागर से शुरू हुई बड़ी सप्लाई
सऊदी अरब ने तेल बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करते हुए एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार 28 मार्च 2026 को सऊदी अरब की तेल निर्यात क्षमता 50 लाख बैरल प्रतिदिन तक पहुंच गई है। यह सप्लाई लाल सागर (Red Sea) पर स्थित यानबू (Yanbu) बंदरगाह के जरिए की जा रही है। सऊदी अरामको (Saudi Aramco) ने अपनी ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन का इस्तेमाल करके तेल निर्यात को नए रूट पर शिफ्ट कर दिया है।
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तेल निर्यात के लिए नया रूट क्यों चुना गया?
- हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz): तनाव के कारण यह रास्ता फरवरी 2026 के अंत से बंद है जिसके चलते सऊदी अरब ने अपना रूट बदल लिया है।
- ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन: यह पाइपलाइन अबकैक (Abqaiq) को यानबू से जोड़ती है और इसकी कुल क्षमता 70 लाख बैरल प्रतिदिन है।
- निर्यात क्षमता: घरेलू रिफाइनरी की जरूरतों को पूरा करने के बाद अब इस पाइपलाइन से 50 लाख बैरल तेल रोजाना एक्सपोर्ट किया जा सकता है।
- पुराना रिकॉर्ड: पिछले हफ्ते यानबू बंदरगाह से औसत लोडिंग 40 लाख बैरल थी जो अब बढ़कर 50 लाख के लक्ष्य तक पहुंच गई है।
भारत और चीन को होने वाली सप्लाई पर क्या असर होगा?
सऊदी अरब से तेल खरीदने वाले बड़े देशों जैसे भारत और चीन के लिए अप्रैल का महीना थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता है। यानबू बंदरगाह की क्षमता बढ़ने के बावजूद इन दोनों देशों को भेजे जाने वाले कच्चे तेल में कमी आने के संकेत हैं। इसका मुख्य कारण यह है कि युद्ध से पहले सऊदी अरब खाड़ी के टर्मिनलों से लगभग 71 से 73 लाख बैरल तेल निर्यात करता था। वर्तमान में लाल सागर वाला रूट बढ़ने के बाद भी यह युद्ध से पहले वाले कुल निर्यात स्तर से कम है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह नया रूट राहत तो दे रहा है लेकिन पूरी तरह से पुराने स्तर की भरपाई नहीं कर पा रहा है।




