ईरान और इज़राइल के बीच भीषण जंग शुरू, खाड़ी देशों में भी ड्रोन हमले, यूएई और कुवैत में हुआ नुकसान
1 अप्रैल 2026 को ईरान ने इज़राइल पर बड़ा बैलिस्टिक मिसाइल हमला किया है। इस हमले में अब तक कम से कम 16 लोग घायल हुए हैं, जिसमें एक 11 साल की बच्ची की हालत काफी गंभीर बताई जा रही है। जवाब में इज़राइल की सेना (IDF) ने ईरान की राजधानी तेहरान में कई ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं। इस तनाव का असर खाड़ी के अन्य देशों जैसे यूएई, कुवैत और कतर में भी देखा गया है, जहां अलग-अलग घटनाओं में जान-माल का नुकसान हुआ है।
ईरान और इज़राइल के बीच हुए ताजा हमले की बड़ी बातें
ईरान की ओर से दागी गई मिसाइलों ने इज़राइल के मध्य इलाकों को निशाना बनाया। इज़राइली सेना ने पुष्टि की है कि उनके डिफेंस सिस्टम ने कई मिसाइलों को बीच में ही रोक दिया, जबकि कुछ मिसाइलें खाली इलाकों में गिरीं। पुलिस को कई जगहों पर मिसाइलों का मलबा मिला है और कुछ जगहों पर क्लस्टर बम के फटने की भी खबरें हैं। जवाबी कार्रवाई में इज़राइल ने तेहरान के उत्तरी और पूर्वी हिस्सों में बुनियादी ढांचों को निशाना बनाकर हमले किए हैं।
खाड़ी देशों में हुई अन्य घटनाएं और उनका असर
इज़राइल और ईरान के इस सीधे टकराव के बीच खाड़ी के अन्य इलाकों से भी चिंताजनक खबरें आई हैं। कुवैत एयरपोर्ट से लेकर यूएई के फुजैरा तक इसका असर देखने को मिला है। नीचे दी गई तालिका में प्रभावित क्षेत्रों की जानकारी दी गई है:
| स्थान / देश | घटना का विवरण | नुकसान की जानकारी |
|---|---|---|
| इज़राइल | बैलिस्टिक मिसाइल हमला | 16 लोग घायल, बुनियादी ढांचे को नुकसान |
| तेहरान (ईरान) | इज़राइली हवाई हमले | सरकारी ठिकानों और इंफ्रास्ट्रक्चर पर चोट |
| फुजैरा (यूएई) | ड्रोन इंटरसेप्शन का मलबा गिरा | एक व्यक्ति की मौत |
| कुवैत एयरपोर्ट | ईरानी ड्रोन का हमला | फ्यूल टैंक में आग लगी, कोई घायल नहीं |
| कतर (समुद्र) | टैंकर पर हमला | QatarEnergy के टैंकर पर दो मिसाइलें गिरीं |
| यमन (हूती) | मिसाइल दागने का दावा | ईरान और हिजबुल्लाह के साथ मिलकर हमला किया |
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इज़राइल पर फार्मास्युटिकल कंपनियों पर बमबारी करने का आरोप लगाया है। दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा है कि यह युद्ध दो या तीन हफ्तों में खत्म हो सकता है। फिलहाल पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट जारी है और मध्य पूर्व में रहने वाले प्रवासियों के लिए सुरक्षा चिंताएं बढ़ गई हैं।




