Iran Military Attack: ईरान ने खाड़ी देशों में तबाह किए अमेरिका और इजराइल के रडार, कुवैत और बहरीन में बेस को बनाया निशाना
ईरान की सेना और IRGC ने एक बड़े सैन्य ऑपरेशन में अमेरिका और इजराइल के प्रमुख रडार सिस्टम को नष्ट कर दिया है। 11 मार्च 2026 को ईरानी सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल अबोलफज़ल शेकरची ने इसकी आधिकारिक पुष्टि की। इस हमले में कतर में मौजूद अमेरिकी रडार और इजराइल के ग्रीन पाइन रडार को खास तौर पर निशाना बनाया गया। इस सैन्य कार्रवाई के कारण खाड़ी क्षेत्र में हलचल काफी तेज हो गई है, जिसका सीधा असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार पर पड़ रहा है।
किन जगहों पर हुआ हमला और क्या हुआ नुकसान?
ईरान के ‘ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4’ के तहत भारी मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया। इसमें खुर्रमशहर और इमाद जैसी गाइडेड मिसाइलें शामिल थीं। सेना ने कई देशों में मौजूद विदेशी ठिकानों पर सीधा हमला किया है।
- कतर: अमेरिका के AN/FPS-132 रडार को पूरी तरह तबाह किया गया।
- कुवैत: अमेरिकी Al-Udairi बेस पर हमला हुआ, जिसमें 100 से अधिक सैनिकों के हताहत होने की खबर है।
- बहरीन: Mina Salman पोर्ट पर अमेरिकी पांचवें बेड़े के सिस्टम को निशाना बनाया गया।
- इजराइल: हाइफा नेवल बेस और तेल अवीव के पास सैटेलाइट कम्युनिकेशन सेंटर पर मिसाइलें दागी गईं।
ईरान सरकार और सेना का क्या है बयान?
इन हमलों के बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने आधिकारिक बयान जारी किया है। उन्होंने साफ किया कि ईरान का मकसद पड़ोसी देशों के साथ युद्ध बढ़ाना नहीं है। सेना केवल उन्हीं विदेशी बेस पर हमला कर रही है, जहां से ईरान पर हमले की योजना बनाई जा रही है। IRGC ने अपने बयान में कहा कि जब तक दुश्मन पूरी तरह हार नहीं मान लेता, तब तक यह सैन्य कार्रवाई नहीं रुकेगी। इसके अलावा सेना ने पिछले 24 घंटों में 10 एडवांस ड्रोन सहित कुल 102 दुश्मन ड्रोन मार गिराए हैं।
गल्फ में रहने वाले भारतीयों पर क्या होगा असर?
हॉर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से तेल की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव जारी है। कुवैत, बहरीन और कतर में हुए इन हमलों के बाद गल्फ देशों में काम करने वाले भारतीय प्रवासियों के बीच माहौल गंभीर है। हालांकि किसी भी कमर्शियल फ्लाइट या आम नागरिक इलाके को निशाना नहीं बनाया गया है। आम नागरिकों को फिलहाल कोई सीधा खतरा नहीं है और उन्हें स्थानीय प्रशासन के नियमों का पालन करने की सलाह दी गई है।




