ईरान ने Strait of Hormuz से गुजरने वाले जहाजों पर लगाया 20 लाख डॉलर का टैक्स, अमेरिका ने दी कड़ी चेतावनी
ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले विदेशी जहाजों पर 20 लाख डॉलर का ट्रांजिट शुल्क लगाने का फैसला किया है। अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने अल जजीरा को दिए इंटरव्यू में साफ किया है कि अमेरिका इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगा। यह विवाद तब और बढ़ गया है जब ईरान ने अमेरिकी और इजरायली जहाजों के इस रास्ते से गुजरने पर पाबंदी लगाने का बिल तैयार कर लिया है।
ईरान का नया कानून और जहाजों पर लगने वाली पाबंदियां
ईरान की संसदीय समिति ने एक नया मसौदा कानून पास किया है जिसके तहत जहाजों को अब ईरान की मुद्रा रियाल में ट्रांजिट फीस देनी होगी। इस कानून में कई कड़े नियम शामिल किए गए हैं:
- अमेरिका और इजरायल से जुड़े जहाजों के लिए इस रास्ते से गुजरने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।
- जो देश ईरान पर प्रतिबंध लगाने में शामिल हैं, उनके जहाजों की आवाजाही भी रोकी जा सकती है।
- ईरानी अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने कुछ जहाजों से पहले ही करीब 20 लाख डॉलर का शुल्क वसूल लिया है।
- ईरान इसे अपनी संप्रभुता और ताकत दिखाने का एक नया जरिया मान रहा है।
अमेरिका और अंतरराष्ट्रीय गठबंधन की जवाबी तैयारी
अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने साफ किया है कि Strait of Hormuz एक अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग है और इस पर किसी एक देश का कब्जा स्वीकार नहीं होगा। अमेरिका ने इसके लिए अपनी योजनाएं साझा की हैं:
| मुख्य बिंदु | विवरण |
|---|---|
| अमेरिकी रुख | टोल सिस्टम पूरी तरह अस्वीकार्य और अवैध है। | सैन्य अभियान खत्म होने के बाद रास्ता हर हाल में खोला जाएगा। |
| नया गठबंधन | बहरीन ने UN में अंतरराष्ट्रीय गठबंधन बनाने की पहल की है। |
| हूती प्रभाव | हूतियों को समुद्री रास्तों पर कब्जा करने से रोकने की तैयारी है। |
Rubio ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान सैन्य अभियान के बाद रास्ता बंद करने की कोशिश करता है, तो उसे गंभीर नतीजे भुगतने होंगे। फिलहाल इस तनाव की वजह से समुद्री व्यापार पर बहुत बुरा असर पड़ा है और जहाजों के बीमा की दरों में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।




