Iran Military Alert: ईरान की सेना का बड़ा ऐलान, ‘एक के बदले एक’ हमले की नीति खत्म, अब लगातार होंगे प्रहार
ईरान की सेना ने 11 मार्च 2026 को अपनी सैन्य रणनीति में एक बड़ा बदलाव किया है। आईआरएनए न्यूज़ एजेंसी (IRNA) की रिपोर्ट के अनुसार, खातम अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर्स के प्रवक्ता कर्नल इब्राहिम ज़ोल्फ़िकारी ने आधिकारिक तौर पर ‘एक के बदले एक’ (tit-for-tat) हमले की नीति को खत्म करने का ऐलान किया है। उन्होंने साफ कहा है कि अब ईरान की नीति लगातार प्रहार करने की होगी।
क्या है ईरान की नई सैन्य रणनीति?
ईरान अब जवाबी कार्रवाई के बजाय लगातार हमले करने की रणनीति पर काम कर रहा है। यह बदलाव ‘ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4’ का हिस्सा है। सेना ने अब वित्तीय और तकनीकी ढांचे को भी अपना निशाना बनाने का फैसला किया है।
- लगातार हमले: आईआरजीसी ने ‘या अमीर अल-मोमिनीन’ कोड नाम के तहत 39वें चरण के मिसाइल और ड्रोन हमले शुरू कर दिए हैं।
- बड़े टारगेट: अमेरिका और इजरायल से जुड़े बैंक और आर्थिक संस्थानों के साथ-साथ गूगल, अमेज़ॉन और माइक्रोसॉफ्ट जैसी तकनीकी कंपनियों के इंफ्रास्ट्रक्चर को टारगेट किया जा रहा है।
- हॉर्मुज जलडमरूमध्य: ईरान ने ऐलान किया है कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य से अमेरिका या उसके सहयोगियों के फायदे के लिए कोई भी तेल नहीं गुजरने दिया जाएगा।
- नई मिसाइल: इन हमलों में भारी विस्फोटक वाले नए खुर्रमशहर मिसाइल का इस्तेमाल किया जा रहा है।
आम लोगों के लिए क्या चेतावनी जारी हुई है?
इस नई रणनीति के कारण आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भी कुछ अहम निर्देश जारी किए गए हैं। क्षेत्र में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है।
- सैन्य प्रवक्ता ने आम नागरिकों को चेतावनी दी है कि वे अमेरिका या इजरायल से जुड़े किसी भी बैंक या आर्थिक केंद्र से कम से कम 1 किलोमीटर की दूरी बनाए रखें।
- सुरक्षा कारणों से बेरूत (लेबनान) में स्थित ईरानी दूतावास के कर्मचारियों के परिवारों को भी वहां से सुरक्षित निकाल लिया गया है।
इस बड़े बदलाव के पीछे का कारण क्या है?
10 मार्च की रात को तेहरान के हघानी हाईवे पर स्थित बैंक सेपाह की एक ब्रांच पर मिसाइल हमला हुआ था। इस हमले में बैंक के कई कर्मचारियों की जान चली गई जो उस समय ओवरटाइम कर रहे थे। इस घटना के बाद ईरान ने आर्थिक ढांचे को निशाना बनाने को अपना अधिकार बताया है। कर्नल इब्राहिम ज़ोल्फ़िकारी ने बैंक पर हुए हमले को अवैध बताया। वहीं संसद के स्पीकर मोहम्मद बघेर ग़ालिबफ़ ने स्पष्ट किया कि ईरान युद्धविराम के मूड में नहीं है और हमलावरों को कड़ा जवाब देगा।




