Iran News Update: मिनाब स्कूल हमले में मारे गए बच्चों की कब्रों पर पहुंचे परिजन, नौरोज़ पर दी श्रद्धांजलि
ईरान के मिनाब शहर में नौरोज़ के मौके पर शुक्रवार को एक गमगीन माहौल देखा गया। 28 फरवरी को हुए एक भीषण मिसाइल हमले में अपनी जान गंवाने वाले बच्चों के माता-पिता उनकी कब्रों पर पहुँचे। इस हमले में 170 से अधिक लोगों की जान गई थी, जिनमें से अधिकांश छोटे बच्चे थे। परिजनों ने अपने बच्चों को याद करते हुए उनकी कब्रों पर फूल चढ़ाए और नौरोज़ के दौरान दुआएं कीं।
28 फरवरी को मिनाब के प्राइमरी स्कूल में क्या हुआ था?
मिनाब शहर के शजरे तैयबा गर्ल्स एलीमेंट्री स्कूल पर 28 फरवरी 2026 को सुबह करीब 10:45 बजे एक मिसाइल गिरी थी। यह हमला US और Israel की सेना के साझा ऑपरेशन की शुरुआत के करीब एक घंटे बाद हुआ था। धमाके के समय बच्चे अपनी क्लास में पढ़ाई कर रहे थे और हमले ने पूरी इमारत को मलबे में बदल दिया। Al Jazeera की जांच के अनुसार यह स्कूल पिछले 10 सालों से वहां मौजूद था और पास के किसी भी मिलिट्री ठिकाने से इसका कोई संबंध नहीं था।
हमले की जांच और अब तक के मुख्य घटनाक्रम
इस हमले को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी चर्चा हुई है और अलग-अलग रिपोर्ट सामने आई हैं। अमेरिकी जांच और मानवाधिकार संगठनों ने इस घटना को लेकर गंभीर चिंता जताई है। घटना से जुड़ी मुख्य जानकारी नीचे दी गई तालिका में देखी जा सकती है:
| तारीख | मुख्य अपडेट |
|---|---|
| 1 मार्च 2026 | UNESCO ने स्कूल पर बमबारी को मानवीय कानून का गंभीर उल्लंघन बताया। |
| 11 मार्च 2026 | The New York Times के अनुसार अमेरिकी जांच में पुरानी खुफिया जानकारी को हमले की वजह माना गया। |
| 15 मार्च 2026 | मीडिया रिपोर्ट्स में इसे एक युद्ध अपराध बताया गया क्योंकि मिसाइल सटीक निशाना लगाने में सक्षम थी। |
| 16 मार्च 2026 | एम्नेस्टी इंटरनेशनल ने कहा कि सबूत स्कूल पर सीधे हमले की ओर इशारा करते हैं। |
| 17 मार्च 2026 | ईरानी सरकार ने तबाह हुए स्कूल को पीड़ितों की याद में म्यूजियम बनाने का ऐलान किया। |
ईरान के विदेश मंत्रालय ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। वहीं US के कुछ सीनेटरों ने भी इस हमले की गहन जांच की मांग की है। हमले के पीछे सेना द्वारा AI के इस्तेमाल और गलत टारगेट लिस्ट को भी एक संभावित कारण बताया गया है। फिलहाल पीड़ितों के परिवार न्याय और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।




