Iran Missile Sites Damaged: ईरान के 4 बड़े मिसाइल ठिकाने हुए तबाह, इज़राइल और अमेरिका के हमलों से भारी नुकसान
ईरान और इज़राइल के बीच चल रहे तनाव के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। वाशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान में बैलिस्टिक मिसाइल बनाने वाले 4 मुख्य ठिकानों को भारी नुकसान पहुँचा है। इज़राइल ने हाल ही में ईरान के परमाणु केंद्रों और सैन्य उत्पादन इकाइयों पर बड़े स्तर पर हवाई हमले किए हैं। इस बीच अमेरिकी सेना ने भी अपनी कार्रवाई तेज़ कर दी है और पिछले कुछ हफ्तों में सैकड़ों मिसाइलें दागी हैं जिससे ईरान का रक्षा तंत्र कमज़ोर हुआ है।
ईरान में हुए हमलों में क्या-क्या नुकसान हुआ है?
आधिकारिक रिपोर्टों और अंतरराष्ट्रीय मीडिया के अनुसार ईरान के सैन्य बुनियादी ढांचे को काफी चोट पहुँची है। यहाँ हमलों से जुड़े मुख्य बिंदु दिए गए हैं:
- वाशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक ईरान के 4 प्रमुख बैलिस्टिक मिसाइल निर्माण केंद्र क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
- ईरान के लगभग 29 मिसाइल लॉन्च साइटों को निशाना बनाया गया और उन्हें नुकसान पहुँचाया गया है।
- अमेरिकी दावों के अनुसार, ईरान के कुल मिसाइल भंडार का लगभग एक तिहाई हिस्सा अब नष्ट हो चुका है।
- तेहरान और मध्य ईरान में स्थित हथियार उत्पादन केंद्रों और बैलिस्टिक मिसाइल विकास साइटों को इज़राइली सेना ने निशाना बनाया है।
अमेरिका और इज़राइल की ताज़ा सैन्य कार्रवाई का विवरण
पिछले कुछ दिनों में इज़राइल और अमेरिका ने मिलकर ईरान के सैन्य ठिकानों पर व्यवस्थित हमले किए हैं। इन ऑपरेशनों की पूरी जानकारी नीचे दी गई टेबल में देखी जा सकती है:
| तारीख | महत्वपूर्ण सैन्य कार्रवाई |
|---|---|
| 28 मार्च 2026 | इज़राइल के 50 से अधिक विमानों ने 3 अलग-अलग क्षेत्रों में एक साथ बड़े हवाई हमले किए। |
| 27 मार्च 2026 | अमेरिकी सेना ने पिछले चार हफ्तों में कुल 850 से अधिक टॉमहॉक क्रूज मिसाइलें दागीं। |
| 29 मार्च 2026 | तेहरान में नए धमाके हुए और इज़राइल ने मिसाइल उत्पादन और डिफेंस सिस्टम को निशाना बनाया। |
| 27 मार्च 2026 | अमेरिकी सेना ने एक मिसाइल साइट के पास ज़मीनी सुरंगें बिछाने की कार्रवाई को अंजाम दिया। |
ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकर कलीबाफ ने बयान दिया है कि दुश्मन ऊपर से बातचीत का संदेश दे रहा है लेकिन गुप्त रूप से हमले की तैयारी कर रहा है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि ईरान की मिसाइल क्षमता अभी भी बनी हुई है। दूसरी ओर, सऊदी अरब और बहरीन ने भी अपनी सीमाओं की सुरक्षा करते हुए ईरान की ओर से छोड़े गए ड्रोन्स और मिसाइलों को बीच रास्ते में ही मार गिराया है।




