Iran Nuclear Plant Attack: अमेरिका और इज़राइल ने Natanz पर किया हमला, प्लांट से रेडिएशन का खतरा नहीं
ईरान के Natanz न्यूक्लियर प्लांट पर शनिवार, 21 मार्च 2026 को बड़ा हमला हुआ है। ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन ने जानकारी दी है कि इस हमले के पीछे अमेरिका और इज़राइल का हाथ है। राहत की बात यह है कि हमले के बाद वहां किसी तरह का रेडियोएक्टिव रिसाव नहीं हुआ है और पास रहने वाली आबादी पूरी तरह सुरक्षित बताई जा रही है।
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हमले के बाद ईरान के प्लांट की क्या है स्थिति?
ईरानी अधिकारियों ने हमले के तुरंत बाद तकनीकी जांच शुरू कर दी थी। जांच में पाया गया कि प्लांट के सुरक्षा सिस्टम ने सही समय पर काम किया जिससे पर्यावरण को कोई नुकसान नहीं हुआ। ईरान ने इस हमले को अंतरराष्ट्रीय कानूनों और परमाणु अप्रसार संधि (NPT) का खुला उल्लंघन बताया है।
- प्लांट के पास रहने वाले लोगों को कोई खतरा नहीं है।
- निगरानी सिस्टम ने समय रहते खतरे को भांप लिया था।
- रेडियोएक्टिव रिसाव की कोई संभावना नहीं मिली है।
- ईरान की तस्नीम न्यूज़ एजेंसी ने हमले की पुष्टि की है।
क्षेत्र में संघर्ष और जवाबी कार्रवाई की ताज़ा रिपोर्ट
इस हमले के जवाब में ईरान ने कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने अमेरिका और इज़राइल से जुड़े 55 से ज्यादा ठिकानों पर मिसाइलें और ड्रोन दागे हैं। इस तनाव का असर खाड़ी देशों पर भी देखने को मिल रहा है क्योंकि ईरान ने सऊदी अरब पर भी मिसाइल हमले किए हैं।
| क्षेत्र | असर और सैन्य कार्रवाई |
|---|---|
| Tehran | इज़राइली सेना ने शासन के ठिकानों पर हमला किया |
| Saudi Arabia | ईरान की तरफ से ड्रोन और मिसाइल हमले किए गए |
| Diego Garcia | अमेरिकी बेस पर ईरान ने दो मिसाइलें दागीं |
| Beirut | इज़राइल ने हिजबुल्लाह मुख्यालय को निशाना बनाया |
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस मामले पर कहा है कि वे सैन्य अभियान को कम करने पर विचार कर रहे हैं लेकिन फिलहाल युद्धविराम की बात नहीं हुई है। वहीं इज़राइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने पहले ही कहा था कि वे ईरान की यूरेनियम संवर्धन क्षमताओं को खत्म करने के लिए कार्रवाई जारी रखेंगे।




