ईरान ने कहा हमें नहीं चाहिए परमाणु बम, उधर अमेरिका ने 15 कंपनियों और 14 जहाजों पर लगा दिया बैन
ईरान के एक वरिष्ठ मौलवी ने साफ कर दिया है कि उनका देश परमाणु बम बनाने की इच्छा नहीं रखता है। तेहरान के फ्राइडे प्रेयर इमाम अहमद खातमी ने कहा कि ईरान यूरेनियम संवर्धन जारी रखेगा। उन्होंने दुनिया भर से आ रही इस प्रोग्राम को रोकने की मांगों को खारिज कर दिया है। इसी बीच अमेरिका ने ईरान के तेल व्यापार पर शिकंजा कसते हुए नई पाबंदियां लगा दी हैं।
ओमान में हुई बातचीत और ईरान का रुख
ईरान और अमेरिका के बीच ओमान की राजधानी मस्कट में परमाणु मुद्दे पर इनडायरेक्ट बातचीत हुई है। इसमें अमेरिका की तरफ से Steve Witkoff और ईरान की तरफ से Abbas Araghchi शामिल थे। दोनों पक्षों ने माहौल को सकारात्मक बताया है और आगे भी बातचीत जारी रखने पर सहमति जताई है। हालांकि, ईरानी मौलवी खातमी ने जोर देकर कहा है कि परमाणु ऊर्जा का मकसद बम बनाना नहीं है, लेकिन वे अपना कार्यक्रम नहीं रोकेंगे। उन्होंने कहा कि बाहरी दबाव में आकर काम बंद करने की मांग उनके लिए कोई मायने नहीं रखती है।
अमेरिका ने किन पर लगाया है बैन?
अमेरिका ने ईरान के पेट्रोलियम और पेट्रोकेमिकल व्यापार को रोकने के लिए 15 कंपनियों और 14 जहाजों पर कड़ा प्रतिबंध लगाया है। ये कंपनियां और जहाज ईरान के तेल को अवैध तरीके से बेचने में मदद कर रहे थे। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के अनुसार, इन प्रतिबंधों के दायरे में भारत, UAE और चीन स्थित कुछ फर्म भी आई हैं। इसका मकसद ईरान की कमाई को रोकना है ताकि वह परमाणु या सैन्य कामों में पैसा न लगा सके।
प्रतिबंधों से जुड़ी खास जानकारी:
| कुल कंपनियां (Entities) | 15 |
| जहाज (Vessels) | 14 |
| प्रभावित देश | भारत, UAE, चीन |
| मकसद | ईरान का तेल निर्यात रोकना |




