UAE के बाद अब Saudi की नज़र Sudan के सोने पर, दुबई को टक्कर देने के लिए बनाया बड़ा प्लान
सऊदी अरब ने सूडान से सीधे सोना खरीदने का फैसला किया है, जो अब तक मुख्य रूप से दुबई के रास्ते व्यापार होता था। जनवरी 2026 के मध्य में रियाद में हुए एक बड़े कार्यक्रम में सऊदी मंत्री ने इस बात की जानकारी दी। अब तक सूडान का ज्यादातर सोना यूएई जाता था, लेकिन अब सऊदी अरब इस बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहता है। इसके लिए दोनों देशों के मंत्रियों के बीच अहम बातचीत भी हो चुकी है।
सऊदी अरब का सोने को लेकर क्या है नया प्लान?
सऊदी अरब के उद्योग और खनिज संसाधन मंत्री बांदर अलखोरयेफ ने सूडान के खनिज मंत्री नूर अल-दायेम ताहा से मुलाकात की है। यह बैठक 13 से 15 जनवरी 2026 के बीच रियाद में आयोजित ‘फ्यूचर मिनरल्स फोरम’ के दौरान हुई। सऊदी अरब ने सूडान के सोने को तुरंत खरीदने और उसे प्रोसेस करने की तैयारी कर ली है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सऊदी सरकार दुबई के दबदबे को कम करके अफ्रीकी सोने के व्यापार में अपनी जगह बनाना चाहती है। सऊदी गोल्ड रिफाइनिंग कंपनी इस काम के लिए पूरी तरह तैयार है।
कितना सोना निकलता है और तस्करी का क्या खेल है?
साल 2025 में सूडान में कुल 70 टन सोने का उत्पादन हुआ, जो उनके लक्ष्य से 13% ज्यादा था। हालांकि, इसमें से केवल 20 टन सोना ही आधिकारिक तौर पर निर्यात हुआ, जिससे सरकार को 1.8 अरब डॉलर की कमाई हुई। बाकी का सोना तस्करी के जरिए बाहर चला गया, जिसमें से एक बड़ा हिस्सा यूएई पहुंचता है। यूएई के विदेश व्यापार मंत्रालय के बयान के अनुसार, 2024 में उन्होंने सूडान से 1.97 अरब डॉलर का सोना आयात किया था। सूडान सरकार ने यूएई पर तस्करी और आरएसएफ का समर्थन करने का आरोप भी लगाया है।
सूडान सरकार ने नियमों में क्या बदलाव किए?
सूडान के सेंट्रल बैंक ने नवंबर 2025 में एक नया आदेश जारी किया था। इसके तहत सोने के निर्यात पर सरकार का एकाधिकार खत्म कर दिया गया है। नए नियम इस प्रकार हैं:
- लाइसेंस वाली कंपनियां अब कम से कम 10 किलो सोना सीधे अंतरराष्ट्रीय कीमतों पर बाहर भेज सकती हैं।
- कंपनियों को निर्यात के बदले 30 दिनों के भीतर विदेशी मुद्रा देश में वापस लानी होगी।
- सरकारी कर्मचारियों और विदेशियों को रियायती क्षेत्रों को छोड़कर खनन से दूर रखा गया है।




