Iran-Oman FM Phone Call: मिडिल ईस्ट में बढ़ा युद्ध का खतरा, ट्रंप की 48 घंटे की चेतावनी से मची हलचल
ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi और ओमान के विदेश मंत्री Badr Albusaidi के बीच अहम फोन कॉल हुई है। इस बातचीत में क्षेत्र में जारी तनाव और ‘US-Israeli war’ के ताज़ा घटनाक्रमों पर विस्तार से चर्चा की गई। यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान पर दबाव बढ़ता जा रहा है और क्षेत्र में युद्ध की स्थिति बनी हुई है।
ईरान और ओमान ने शांति के लिए क्या कहा?
ओमान ने हमेशा की तरह तुरंत सीजफायर और बातचीत की मेज पर लौटने की अपील की है। ओमान का मानना है कि विवाद को कूटनीतिक तरीके से सुलझाया जाना चाहिए ताकि शांति बनी रहे। वहीं ईरान के विदेश मंत्री ने साफ किया है कि वे युद्ध को थोपा हुआ मानते हैं और इसका केवल स्थायी समाधान चाहते हैं। ईरान ने कड़े शब्दों में कहा है कि वे सीजफायर नहीं बल्कि युद्ध का पूरी तरह अंत चाहते हैं।
मिडिल ईस्ट में युद्ध से जुड़े मुख्य अपडेट्स
| Entity Involved | Key Action/Update |
|---|---|
| US President Donald Trump | 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया और Strait of Hormuz खोलने की मांग की |
| Israeli Defense Minister | आने वाले हफ्तों में ईरान पर हमलों की तीव्रता बढ़ाने का ऐलान किया |
| Saudi Arabia | ईरान से सैकड़ों मिसाइल और ड्रोन हमले होने की रिपोर्ट दी |
| Iranian Military | अमेरिकी अड्डों और ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाने की धमकी दी |
| Indian PM Modi | ईरान के राष्ट्रपति ने फोन पर बातचीत कर युद्ध रोकने की अपील की |
ईरान ने ब्रिटेन को भी चेतावनी दी है कि अगर उनके सैन्य अड्डों का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ हुआ, तो वे आत्मरक्षा में कार्रवाई करेंगे। इस बीच इजरायल के डिमोना और अराद शहरों में ईरानी मिसाइलें गिरने से 100 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। ओमान ने अमेरिका की विदेश नीति की आलोचना करते हुए कहा है कि वह इजरायल के उद्देश्यों के कारण एक ऐसे युद्ध में फंस गया है जो उसका अपना नहीं है।




