Iran Israel War: पाकिस्तान ने शुरू की शांति की कोशिश, ईरान के राष्ट्रपति ने पीएम शहबाज शरीफ को लगाया फोन
ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif के बीच शनिवार 28 मार्च 2026 को करीब एक घंटे तक फोन पर बातचीत हुई। इस बातचीत के दौरान ईरान ने पाकिस्तान की उन कोशिशों की तारीफ की है जो वह अमेरिका और इजरायल के साथ जारी तनाव को कम करने के लिए कर रहा है। पाकिस्तान फिलहाल इस क्षेत्रीय विवाद में एक मुख्य मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है ताकि इस युद्ध को बढ़ने से रोका जा सके।
पाकिस्तान की मध्यस्थता और शांति की कोशिशों में क्या शामिल है?
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने बताया कि उनका देश अमेरिका, खाड़ी देशों और अन्य इस्लामी देशों के साथ लगातार संपर्क में है ताकि शांति के लिए माहौल बनाया जा सके। पाकिस्तान की इस कूटनीति का असर अब जमीन पर दिखने लगा है। इसकी कुछ मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:
- पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच संदेशों को एक-दूसरे तक पहुंचाने का काम कर रहा है।
- अमेरिका ने युद्धविराम के लिए 15 सूत्रीय प्रस्ताव भेजा है जिस पर ईरान अभी विचार कर रहा है।
- पाकिस्तान में जल्द ही अमेरिका और ईरान के अधिकारियों की सीधी बैठक होने की संभावना जताई गई है।
- इस्लामाबाद में 29-30 मार्च को सऊदी अरब, तुर्की और मिस्र के विदेश मंत्रियों की एक बड़ी बैठक होने वाली है।
ईरान के राष्ट्रपति ने क्या चेतावनी और संदेश दिया है?
राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने पाकिस्तान के समर्थन के लिए शुक्रिया अदा किया लेकिन साथ ही कड़े तेवर भी दिखाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया और आधिकारिक बयान के जरिए साफ किया कि अगर ईरान के आर्थिक केंद्रों या बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया, तो वे इसका बहुत जोरदार जवाब देंगे। उन्होंने क्षेत्र के अन्य देशों से भी अपील की है कि वे दुश्मनों को अपनी जमीन का इस्तेमाल युद्ध के लिए न करने दें।
प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने ईरान में हुए जान-माल के नुकसान पर संवेदना व्यक्त की है। पाकिस्तान ने आधिकारिक तौर पर इजरायली हमलों की निंदा की है और शांति वार्ता को सफल बनाने के लिए अमेरिका से भी दखल देने की अपील की है। फिलहाल यह युद्ध दूसरे महीने में प्रवेश कर चुका है जिससे लाल सागर में व्यापारिक जहाजों की आवाजाही पर भी बुरा असर पड़ा है।




