तेहरान में Pasteur Institute पर US और इजरायल का हमला, 100 साल पुराना मेडिकल रिसर्च सेंटर हुआ तबाह
तेहरान में स्थित 100 साल पुराने Pasteur Institute पर अमेरिका और इजरायल के हवाई हमलों की खबर सामने आई है। ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार 2 अप्रैल 2026 को हुए इस हमले में संस्थान के मुख्य परिसर को काफी नुकसान पहुंचा है। स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता हुसैन केरमानपुर ने बताया कि यह हमला अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा और जिनेवा कन्वेंशन का सीधा उल्लंघन है। संस्थान के कई रिसर्च विभाग और प्रयोगशालाएं इस हमले की वजह से मलबे में तब्दील हो गई हैं।
संस्थान को कितना नुकसान हुआ और कौन से विभाग प्रभावित हुए?
ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने जानकारी दी है कि Pasteur Institute का लगभग 23,000 वर्ग मीटर का इलाका इस हमले की चपेट में आया है। धमाके और मलबे की वजह से कई महत्वपूर्ण प्रयोगशालाओं में काम रुक गया है। राहत की बात यह है कि इस घटना में किसी भी कर्मचारी या छात्र के हताहत होने की खबर नहीं है। हमले से प्रभावित मुख्य सुविधाओं की सूची नीचे दी गई है:
- 13 नेशनल रेफरेंस लैब जिनमें COVID-19, mpox और रेबीज की जांच होती थी।
- Hepatitis और HIV/AIDS के लिए बने तीन सहयोगी रिसर्च सेंटर।
- 23 अलग-अलग रिसर्च विभाग और WHO से जुड़े दो महत्वपूर्ण केंद्र।
- करीब 110 फैकल्टी मेंबर और 400 से ज्यादा शोधकर्ता इस संस्थान से जुड़े हैं।
दुनिया भर के देशों की प्रतिक्रिया और वर्तमान हालात क्या हैं?
इस हमले के बाद चीन के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका और इजरायल के हमलों को तनाव का मुख्य कारण बताया है और तुरंत युद्धविराम की अपील की है। ईरान ने वैश्विक स्वास्थ्य निकायों से मांग की है कि वे इस नुकसान का आकलन करें और संस्थान के पुनर्निर्माण में सहयोग करें। क्षेत्र में बढ़ते तनाव को देखते हुए सुरक्षा संबंधी कुछ महत्वपूर्ण अपडेट इस प्रकार हैं:
| संबंधित पक्ष | जारी किया गया बयान या अपडेट |
|---|---|
| ईरान स्वास्थ्य मंत्रालय | हमले को अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानून का उल्लंघन बताया। |
| चीन विदेश मंत्रालय | Strait of Hormuz में तनाव के लिए सैन्य हमलों को जिम्मेदार ठहराया। |
| अमेरिकी दूतावास (बगदाद) | अमेरिकी नागरिकों को तुरंत इराक छोड़ने की सलाह दी गई है। |
| इजरायली सेना | ईरान की ओर से दागी गई मिसाइलों का जवाब देने की बात कही। |
ईरान के स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि संस्थान के मुख्य परिसर में कामकाज प्रभावित होने के बावजूद, अन्य शाखाओं के माध्यम से जरूरी डायग्नोस्टिक काम जारी रखा जाएगा। अमेरिका और इजरायल की ओर से इस विशिष्ट हमले पर अब तक कोई सीधा बयान नहीं आया है, लेकिन दोनों देशों ने ईरान के खिलाफ अपनी सैन्य कार्रवाई जारी रखने के संकेत दिए हैं।




