Iran-US Tension: ईरान ने ठुकराई अमेरिका की मांग, अब ट्रंप करेंगे Strait of Hormuz की घेराबंदी
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। ईरान ने हमास, हिजबुल्लाह और हूतियों को पैसा देने से रोकने की अमेरिकी मांग को पूरी तरह खारिज कर दिया है। इस फैसले के बाद अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने Strait of Hormuz की समुद्री घेराबंदी करने का ऐलान किया है जिससे पूरे क्षेत्र में हलचल मच गई है।
ईरान ने अमेरिका की किन बातों को मानने से किया इनकार?
ईरान ने साफ कर दिया है कि वह हमास, हिजबुल्लाह और हूतियों जैसे संगठनों की फंडिंग बंद नहीं करेगा। इसके साथ ही ईरान ने यूरेनियम की मात्रा बढ़ाने (enrichment) के काम को रोकने और अपने मुख्य प्लांट हटाने की मांग को भी ठुकरा दिया है। अमेरिका चाहता था कि अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए Strait of Hormuz को पूरी तरह खोल दिया जाए लेकिन ईरान इस पर सहमत नहीं हुआ। यह सब पाकिस्तान में हुई शांति बातचीत के फेल होने के बाद हुआ है।
अमेरिका और सऊदी अरब का अगला कदम क्या होगा?
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 12 अप्रैल 2026 को घोषणा की कि अमेरिकी नेवी अब Strait of Hormuz पर नियंत्रण करेगी और जहाजों के आने-जाने पर नजर रखेगी। वहीं सऊदी अरब ने भी इस मामले में कड़ा रुख अपनाया है। सऊदी ने कहा है कि ईरान और उसके साथी देशों को अरब और इस्लामिक देशों के खिलाफ अपनी हरकतों को तुरंत बंद करना चाहिए। सऊदी अरब ने यूनाइटेड नेशन्स के प्रस्ताव नंबर 2817 को लागू करने की जरूरत पर भी जोर दिया है।
इस विवाद से जुड़ी मुख्य बातें और तारीखें
| तारीख/बिंदु | क्या हुआ |
|---|---|
| 8 अप्रैल 2026 | अमेरिका ने 15 पॉइंट्स का प्लान दिया और सऊदी ने सीजफायर का स्वागत किया |
| 8 अप्रैल 2026 | ईरान ने 10 पॉइंट्स में जवाब दिया और अस्थाई सीजफायर को मना कर दिया |
| 11 अप्रैल 2026 | सऊदी अरब ने ईरान से दुश्मन वाली हरकतें बंद करने को कहा |
| 12 अप्रैल 2026 | ईरान ने फंडिंग रोकने और यूरेनियम प्लांट हटाने से मना किया |
| 12 अप्रैल 2026 | डोनाल्ड ट्रंप ने Strait of Hormuz की समुद्री घेराबंदी का ऐलान किया |
| मुख्य मांगें | फंडिंग बंद करना, यूरेनियम प्लांट हटाना और समुद्री रास्ता खोलना |
| मध्यस्थता | पाकिस्तान ने दोनों देशों के बीच बातचीत कराने की कोशिश की |




