Iran News: ईरान ने अमेरिका से बातचीत से किया साफ इनकार, विदेश मंत्री बोले- अब कोई समझौता नहीं
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची (Abbas Araghchi) ने साफ कर दिया है कि अमेरिका के साथ बातचीत या समझौता अब उनके एजेंडे में नहीं है। PBS News को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि फरवरी में जिनेवा में हुई बातचीत में काफी प्रगति हुई थी। लेकिन इसके बावजूद अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर हमला किया, जिसके बाद अब कूटनीतिक बातचीत का कोई मतलब नहीं रह गया है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब मिडिल ईस्ट में दोनों देशों के बीच तनाव काफी बढ़ गया है।
बातचीत बंद करने की मुख्य वजह क्या है?
ईरान के विदेश मंत्री ने इस पूरे घटनाक्रम को एक बहुत कड़वा अनुभव बताया है। फरवरी 2026 के अंत में ओमान की मध्यस्थता में जिनेवा में परमाणु वार्ता के तीन दौर हुए थे। अरागची के मुताबिक इस बातचीत में बड़ी प्रगति हुई थी और अमेरिकी टीम ने भी इसे माना था।
लेकिन 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजराइल ने मिलकर Operation Epic Fury के तहत ईरान के सैन्य और परमाणु ठिकानों पर हवाई हमले शुरू कर दिए। इसी वजह से ईरान ने अब सभी कूटनीतिक रास्ते बंद कर दिए हैं और कहा है कि अब सिर्फ अपनी मातृभूमि की रक्षा की बात होगी।
Strait of Hormuz और तनाव पर क्या है नया अपडेट
ग्लोबल एनर्जी और ट्रांसपोर्ट के लिए सबसे अहम रास्तों में से एक Strait of Hormuz को लेकर भी काफी चर्चा हो रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने धमकी दी थी कि अगर इस रास्ते को बंद किया गया, तो वे 20 गुना ज्यादा ताकत से हमला करेंगे।
इस पर ईरान के विदेश मंत्री ने स्पष्ट किया है कि ईरान ने इस जलमार्ग को बंद नहीं किया है। उन्होंने इलाके में अस्थिरता और समुद्र में डर का पूरा दोष अमेरिका और इजराइल की नीतियों पर लगाया है। ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई (Mojtaba Khamenei) के नेतृत्व में देश ने अपनी सुरक्षा को लेकर कड़ा रुख अपना लिया है और अमेरिका के आगे झुकने से मना कर दिया है।





