ईरान में फिर शुरू हुए धमाके, तेहरान के पारचिन में सैन्य ठिकानों पर भारी बमबारी
ईरान की राजधानी तेहरान और उसके आसपास के इलाकों में 29 मार्च 2026 को फिर से भारी बमबारी की खबरें सामने आई हैं। जानकारी के मुताबिक, तेहरान के पारचिन इलाके में मौजूद इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के ठिकानों को हवाई हमलों में निशाना बनाया गया है। सऊदी न्यूज़ समेत कई अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थानों ने इन हमलों की पुष्टि की है। बताया जा रहा है कि इन धमाकों में ईरान के सैन्य ढांचे और मिसाइल उत्पादन केंद्रों को काफी नुकसान पहुंचा है।
हमले में किन ठिकानों को निशाना बनाया गया और क्या नुकसान हुआ?
इस ताजा सैन्य कार्रवाई में मुख्य रूप से पारचिन और खोंजीर के मिलिट्री इलाकों को निशाना बनाया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, तेहरान और आसपास के इलाकों में रविवार सुबह कई धमाके हुए, जिसमें 7 लोगों की मौत और 9 के घायल होने की खबर है। नुकसान का विवरण नीचे दी गई तालिका में देखा जा सकता है:
| प्रभावित क्षेत्र | नुकसान का प्रकार |
|---|---|
| Parchin Military Site | बैलिस्टिक मिसाइल उत्पादन केंद्र को भारी नुकसान |
| Masoudieh Base | सैन्य परिसर और इंफ्रास्ट्रक्चर नष्ट |
| IRGC Headquarters | इस्फहान में 4 कमांडरों की मौत की रिपोर्ट |
| Ballistic Missile Sites | 29 लॉन्च साइट्स और 4 बड़ी फैक्ट्रियां प्रभावित |
| Air Defense Systems | हवाई सुरक्षा प्रणालियों को निशाना बनाया गया |
इस पूरे सैन्य घटनाक्रम से जुड़ी मुख्य बातें
- इज़राइली वायुसेना ने तेहरान में हथियार बनाने वाली जगहों पर 120 से ज्यादा बम गिराए हैं।
- Washington Post की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान की मिसाइल बनाने की क्षमता को इस हमले से गहरा झटका लगा है।
- IRGC ने जवाबी कार्रवाई के तौर पर मिडिल ईस्ट में अमेरिकी ठिकानों पर हमले करने का दावा किया है।
- ईरान के सैन्य प्रवक्ता ने पुष्टि की है कि कई हेडक्वार्टर और नेतृत्व से जुड़े ठिकाने तबाह हो गए हैं।
- सऊदी अरब के विदेश मंत्री ने पहले ही तेहरान के साथ भरोसे में कमी और सैन्य कार्रवाई की संभावना पर बयान दिया था।
- IRGC ने चेतावनी दी है कि अगर यूनिवर्सिटी पर हमलों की निंदा नहीं हुई, तो वे भी जवाबी हमले तेज करेंगे।




