ईरान की बड़ी धमकी, अमेरिका और सहयोगियों का तेल-गैस सप्लाई रोकेंगे, कुवैत और सऊदी के ठिकानों पर हुए हमले.
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव अब खतरनाक मोड़ पर आ गया है। ईरान की सेना के खातम अल-अंबिया हेडक्वार्टर ने खुलेआम धमकी दी है कि वे अमेरिका और उसके साथी देशों के इंफ्रास्ट्रक्चर को तबाह कर देंगे। उनका कहना है कि वे ऐसी चोट करेंगे जिससे कई सालों तक क्षेत्र की तेल और गैस की सप्लाई बंद हो जाएगी। इस बीच खाड़ी देशों में स्थित कई अमेरिकी ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइल से हमले की खबरें आ रही हैं, जिससे खाड़ी में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है।
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खाड़ी देशों में ईरान के हमले और टारगेट की जानकारी
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने दावा किया है कि उन्होंने ‘ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4’ के तहत कई बड़े हमले किए हैं। इस सैन्य कार्रवाई में कुवैत, यूएई और सऊदी अरब के इलाकों में स्थित सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया है। इसका सीधा असर वहां काम करने वाले प्रवासियों और व्यापारिक गतिविधियों पर पड़ सकता है।
- कुवैत: अली अल सलेम एयर बेस और अल-उदैरी बेस पर ड्रोन से हमला हुआ।
- सऊदी अरब: अल-खर्ज में स्थित प्रिंस सुल्तान एयर बेस (Prince Sultan Air Base) को निशाना बनाया गया।
- यूएई: एक ड्रोन बनाने वाली साइट पर हमले का दावा किया गया है।
- समुद्री हमला: इजरायल से जुड़े एक जहाज SDN-7 पर क्रूज मिसाइल दागी गई और अमेरिकी जहाज USS Tripoli को पीछे हटने पर मजबूर किया गया।
- इराक: बगदाद में अमेरिकी कैंप विक्ट्री पर भी ड्रोन गिराए गए।
युद्ध की स्थिति पर क्या है बड़े नेताओं के बयान?
ईरान के ब्रिगेडियर जनरल इब्राहिम जोलफाकरी ने साफ कहा है कि अमेरिका को अब पश्चिम एशिया में अपमानित होना पड़ा है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका दोबारा हमला करता है, तो ईरान का जवाब बहुत ज्यादा ताकतवर और बड़े पैमाने पर होगा। दूसरी ओर, पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी धमकी दी थी कि अगर ईरान ने रास्ता बंद किया, तो वे उनके बिजली घरों और पुलों को उड़ा देंगे।
| पक्ष | मुख्य अपडेट और बयान |
|---|---|
| ईरानी सेना | अमेरिका और उसके साथियों का तेल-गैस सालों के लिए बंद कर देंगे। |
| ईरानी राष्ट्रपति | ईरान की अर्थव्यवस्था लंबा युद्ध बर्दाश्त नहीं कर पाएगी, भारी तबाही हो सकती है। |
| इजरायल | ईरान में 8 पुलों को तोड़ा और सैन्य ठिकानों पर हमले किए। |
| अमेरिकी सेना | 6 अप्रैल की रात ईरान के अंदर कई ड्रोन हमले किए गए। |
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने अपनी ही सेना के कुछ कमांडरों पर आरोप लगाया है कि वे देश को बड़ी तबाही की ओर धकेल रहे हैं। उन्होंने साफ किया कि ईरान की आर्थिक हालत ऐसी नहीं है कि वह बहुत दिनों तक जंग लड़ सके। फिलहाल पूरे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की वोटिंग पर टिकी हैं।




