Iran Ceasefire Update: ईरान ने अमेरिका को दी चेतावनी, बोले लेबनान को भी युद्धविराम में शामिल करे US, वरना बढ़ेंगी मुश्किलें
ईरान और अमेरिका के बीच 7 अप्रैल 2026 को दो हफ्ते का एक युद्धविराम शुरू हुआ था, लेकिन अब इस समझौते को लेकर दोनों देशों में बड़ी बहस छिड़ गई है. ईरान का कहना है कि इस शांति समझौते में लेबनान भी शामिल है, जबकि अमेरिका और इसराइल इसे मानने से इनकार कर रहे हैं. इस विवाद के बीच लेबनान में हमले और बढ़ गए हैं, जिससे पूरे इलाके में तनाव फैल गया है.
ईरान और अमेरिका के बीच विवाद की असली वजह क्या है?
ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने कहा है कि अमेरिका को अपने वादों को पूरा करना चाहिए. ईरान और मध्यस्थ पाकिस्तान का दावा है कि युद्धविराम का समझौता लेबनान पर भी लागू होता है. दूसरी तरफ, US राष्ट्रपति Donald Trump ने पहले इसे स्वीकार किया था, लेकिन बाद में पलटते हुए कहा कि Hezbollah की वजह से लेबनान इस डील का हिस्सा नहीं है. इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने भी साफ कर दिया कि लेबनान में हमले जारी रहेंगे.
लेबनान में क्या हालात हैं और ईरान ने क्या कदम उठाए हैं?
पिछले 24 घंटों में इसराइल ने लेबनान में भारी हवाई हमले किए हैं, जिसमें कई लोगों की मौत हुई है. इस स्थिति से नाराज होकर ईरान ने पाकिस्तान को सूचित किया है कि जब तक लेबनान में बमबारी नहीं रुकती, वह इस्लामाबाद में होने वाली शांति वार्ता में शामिल नहीं होगा. इसके साथ ही, खबर है कि ईरान ने फिर से Strait of Hormuz को बंद कर दिया है, जो अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए बहुत जरूरी रास्ता है.
इस विवाद पर दुनिया के बड़े देशों का क्या कहना है?
| देश/नेता | उनका स्टैंड/बयान |
|---|---|
| ईरान | युद्धविराम में लेबनान शामिल है, अमेरिका वादे निभाए. |
| अमेरिका (US) | लेबनान समझौते का हिस्सा नहीं था. |
| इसराइल | लेबनान में कोई युद्धविराम नहीं है, हमले जारी रहेंगे. |
| पाकिस्तान | समझौता हर जगह, लेबनान समेत लागू है. |
| फ्रांस | लेबनान को पूरी तरह युद्धविराम में शामिल होना चाहिए. |
| लेबनान | बातचीत से पहले युद्धविराम होना जरूरी है. |




