ईरान ने खाड़ी से तेल रोकने की दी चेतावनी, अमेरिका ने कहा 20 गुना ज्यादा ताकत से करेंगे हमला
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव अब और बढ़ गया है. ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने साफ़ कह दिया है कि जब तक अमेरिका और इजरायल के हमले बंद नहीं होते, खाड़ी से एक लीटर भी तेल बाहर नहीं जाने दिया जाएगा. इसके जवाब में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर Strait of Hormuz में तेल रोकने की कोशिश हुई, तो अमेरिका 20 गुना ज्यादा ताकत से हमला करेगा. ट्रंप के मुताबिक अमेरिका का मिलिट्री ऑपरेशन बहुत तेज़ी से आगे बढ़ रहा है.
🚨: UAE सरकार का बड़ा फैसला, Drone और लाइट एयरक्राफ्ट उड़ाने पर लगा पूर्ण प्रतिबंध, नियम तोड़ने पर जेल।
तेल बाजार और आम लोगों पर क्या होगा असर?
ईरान की इस धमकी के कारण दुनिया भर में तेल की कीमतों में भारी उथल-पुथल देखने को मिल रही है. Brent Crude का भाव जो 120 डॉलर तक चला गया था, वह अब 89.20 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है. गल्फ देशों में रहने वाले और वहां काम करने वाले भारतीयों पर भी इसका सीधा असर पड़ सकता है क्योंकि तेल का सीधा संबंध महंगाई और व्यापार से होता है.
- Brent Crude का भाव गिरकर 89.20 डॉलर पर पहुंचा.
- WTI का भाव 3 प्रतिशत गिरकर 88.30 डॉलर प्रति बैरल हो गया.
- यूरोप में डीजल की कीमतें 2.33 डॉलर प्रति लीटर तक पहुंच गई हैं.
अमेरिका और G7 देशों की क्या है तैयारी?
अमेरिका ने तेल की कीमतों को कंट्रोल करने के लिए कुछ देशों पर लगे Sanctions में छूट देने का फैसला किया है. इसमें समुद्र में फंसे रूसी तेल को भी राहत मिलने की खबर है. G7 देशों के एनर्जी मंत्रियों ने भी अपने Strategic Reserves से तेल निकालने की बात कही है. ट्रंप ने यह भी बताया है कि अमेरिका जरूरत पड़ने पर तेल के टैंकरों को Strait of Hormuz से सुरक्षित निकालने के लिए एस्कॉर्ट करेगा.
हमले में अब तक कितना हुआ नुकसान?
संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत ने रिपोर्ट दी है कि फरवरी के अंत से शुरू हुए इन हमलों में अब तक 1332 ईरानी नागरिकों की जान जा चुकी है. अमेरिका का दावा है कि उसने ईरान की एयरफोर्स और नेवी को काफी हद तक कमजोर कर दिया है. ट्रंप के अनुसार यह युद्ध अनुमान से पहले खत्म हो सकता है और अमेरिका ने ईरान के कई ठिकानों को अपना निशाना बनाया है.




