Iran US Conflict: भारत में बैठे ईरान के प्रतिनिधि ने ट्रंप की भाषा को बताया गलत, युद्ध रोकने की दुनिया से अपील
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव अब एक नए स्तर पर पहुंच गया है. भारत में ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि अब्दुल माजिद हकीम इलाही ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कड़े बयानों की आलोचना की है. उन्होंने कहा कि ईरान में युद्ध की स्थिति पैदा करना एक बड़ी गलती है जिसके परिणाम बहुत व्यापक होंगे. इलाही ने दुनिया भर के नेताओं से एक साथ आने और अमेरिकी राष्ट्रपति से युद्ध रोकने की अपील करने के लिए कहा है.
ट्रंप ने ईरान को क्या चेतावनी दी है?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 6 अप्रैल 2026 को ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) खोलने के लिए कड़ी चेतावनी दी है. ट्रंप ने सोशल मीडिया पर बेहद आक्रामक भाषा का इस्तेमाल करते हुए कहा कि अगर ईरान ने रास्ता नहीं खोला तो उसे नर्क जैसी स्थिति का सामना करना पड़ेगा. उन्होंने आने वाले दिनों में ईरान के पावर प्लांट और पुलों को निशाना बनाने के संकेत दिए हैं. इससे पहले ट्रंप ने 4 अप्रैल को 48 घंटे का अल्टीमेटम भी दिया था.
ईरान और अमेरिका विवाद के मुख्य बिंदु क्या हैं?
इस पूरे विवाद में दोनों देशों की ओर से कड़ा रुख अपनाया जा रहा है. मौजूदा स्थिति को समझने के लिए कुछ जरूरी जानकारी नीचे दी गई है:
- प्रतिनिधि का बयान: अब्दुल माजिद हकीम इलाही ने कहा कि किसी की भाषा उसके व्यक्तित्व और नैतिकता को दिखाती है और ट्रंप की भाषा अभद्र है.
- ईरान का रुख: ईरान के नए सर्वोच्च नेता मुजतबा खामेनेई ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद रखने और अमेरिकी ठिकानों पर हमलों की कसम खाई है.
- सैन्य नियंत्रण: ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने दावा किया है कि समुद्री रास्ता उनके नियंत्रण में है और यह दुश्मनों के लिए नहीं खुलेगा.
- युद्धविराम की खबरें: ईरान के विदेश मंत्रालय ने उन दावों को खारिज किया है जिनमें कहा गया था कि ईरान युद्धविराम चाहता है.
इस तनाव का दुनिया पर क्या असर हो रहा है?
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल व्यापार मार्ग है और इसके बंद होने से कच्चे तेल की कीमतों पर असर पड़ सकता है. विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप का यह सोचना गलत हो सकता है कि युद्ध उनकी मर्जी से रुक जाएगा. भारत में मौजूद ईरानी प्रतिनिधि का मानना है कि कई अमेरिकी सीनेटरों ने भी ट्रंप की इस तरह की भाषा का समर्थन नहीं किया है. फिलहाल पूरी दुनिया की नजरें 7 अप्रैल पर टिकी हैं जिसे ट्रंप ने बड़ी कार्रवाई का दिन बताया है.




