ईरान में अमेरिका और इसराइल के हमले, मलबे से 960 लोग बचाए गए, बंदरगाहों की नाकाबंदी का ऐलान.
अमेरिका और इसराइल के हवाई हमलों ने ईरान की राजधानी तेहरान में भारी तबाही मचाई है। ईरान के रेड क्रीसेंट सोसाइटी ने बताया कि मलबे के नीचे दबे 960 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। इस हमले के बाद दोनों देशों के बीच शांति वार्ता भी पूरी तरह नाकाम हो गई है। हालात अब और तनावपूर्ण हो गए हैं।
हमले में कितना नुकसान हुआ और कौन बचा?
रेड क्रीसेंट सोसाइटी और ईरान की सरकारी एजेंसी IRNA ने बताया कि तेहरान और अन्य इलाकों में व्यापक स्तर पर नुकसान हुआ है। बचाव टीमों ने अब तक 960 लोगों को मलबे से बाहर निकाला है। इस हमले में बड़ी संख्या में रिहायशी मकानों और दुकानों को नुकसान पहुँचा है। साथ ही कई अस्पतालों और ऐतिहासिक इमारतों पर भी बमबारी हुई है। रेड क्रीसेंट सोसाइटी के प्रमुख पीर-होसैन कुलीवंद ने कहा कि वे इन अत्याचारों की रिपोर्ट अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) और रेड क्रॉस को सौंपेंगे।
अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता क्यों विफल रही?
13 अप्रैल 2026 को अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता हुई थी, लेकिन यह सफल नहीं रही। अमेरिका के उपराष्ट्रपति JD Vance बातचीत खत्म कर वापस चले गए क्योंकि ईरान ने अमेरिका की शर्तें स्वीकार नहीं कीं। इसके तुरंत बाद अमेरिका ने ईरान के सभी बंदरगाहों की नाकाबंदी करने का ऐलान किया है। जवाब में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने चेतावनी दी है कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के करीब आने वाले किसी भी सैन्य जहाज को सख्ती से निपटाया जाएगा।
नुकसान और अन्य अपडेट्स की पूरी जानकारी
इस पूरे घटनाक्रम में केवल तेहरान ही नहीं, बल्कि कई अन्य क्षेत्रों में भी असर देखा गया है। लेबनान के हिजबुल्लाह समूह ने भी दावा किया है कि उन्होंने इसराइल के सैनिकों पर ड्रोन हमला किया है। नुकसान का पूरा ब्योरा नीचे दी गई टेबल में है:
| विवरण | संख्या/स्थिति |
|---|---|
| बचाए गए लोग | 960 |
| कुल प्रभावित इमारतें | 1,25,630 |
| रिहायशी मकान | लगभग 1,00,000 |
| व्यापारिक संपत्तियां | लगभग 24,000 |
| मेडिकल सुविधाएं | 339 |
| ऐतिहासिक स्मारक | 77 |




