ईरान और अमेरिका-इस्राइल गठबंधन के बीच चल रहा संघर्ष अब बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। शुक्रवार 27 मार्च 2026 की सुबह ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने ‘ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4’ के तहत 83वीं लहर की कार्रवाई की। इस जवाबी हमले में ईरान ने सीधे तौर पर खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों और इस्राइली ठिकानों को निशाना बनाया है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक चौंकाने वाला फैसला लेते हुए ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर होने वाले हमलों को 10 दिनों के लिए टालने का आदेश दिया है।

ईरान ने खाड़ी देशों में कहां-कहां किए हमले?

ईरान की ओर से किए गए ताजा हमलों ने खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ा दी है। ईरान ने दावा किया है कि उसने उन देशों के ठिकानों पर हमला किया है जहां से अमेरिकी सेना काम कर रही है। इन हमलों का विवरण इस प्रकार है:

  • UAE और कुवैत पर असर: ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात के अल-धफरा बेस और कुवैत के अली अल-सालेम और अल-उदेरी बेस को निशाना बनाया है।
  • बहरीन और इस्राइल: बहरीन में शेख ईसा एयर बेस पर मिसाइलें दागी गईं, जबकि इस्राइल के अश्दोद में एक तेल डिपो और मोदीन में सैन्य ठिकाने पर हमला हुआ।
  • नुकसान का दावा: ईरान का कहना है कि उसने अमेरिकी जेट विमानों के फ्यूल टैंक और पैट्रियट मिसाइल सिस्टम के मरम्मत केंद्रों को भारी नुकसान पहुंचाया है।
  • नौसेना कमांडर की मौत: दूसरी तरफ इस्राइल ने दावा किया है कि उसने बंदर अब्बास में ईरानी नौसेना के कमांडर रियर एडमिरल अलीरेजा तंगसीरी को एक हमले में मार गिराया है।

डोनाल्ड ट्रंप का शांति प्रस्ताव और युद्ध की वर्तमान स्थिति

एक तरफ जहां मिसाइलें बरस रही हैं, वहीं दूसरी तरफ कूटनीतिक रास्ते भी तलाशे जा रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि ईरान के अनुरोध पर ऊर्जा ठिकानों पर होने वाले हमलों को 6 अप्रैल 2026 तक रोक दिया गया है। ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि दोनों देशों के बीच बातचीत सही दिशा में आगे बढ़ रही है।

मुख्य बिंदु ताजा जानकारी
ट्रंप का फैसला 10 दिनों के लिए हमलों पर अस्थाई रोक, 6 अप्रैल तक लागू रहेगी
अमेरिकी सैन्य कार्रवाई अब तक ईरान के 10,000 से ज्यादा ठिकानों को निशाना बनाया गया
ईरान की हालत CENTCOM के अनुसार ईरान की मिसाइल क्षमता में 90% की गिरावट आई है
शांति प्रस्ताव अमेरिका ने पाकिस्तान के जरिए 15 सूत्रीय प्रस्ताव ईरान को सौंपा है
नेवी की स्थिति ईरान की नौसेना के 92% बड़े जहाज नष्ट होने का दावा किया गया है

ईरान ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन को पत्र लिखकर कहा है कि होरमुज जलडमरूमध्य से केवल वही जहाज सुरक्षित गुजर सकेंगे जिनका अमेरिका या इस्राइल से कोई संबंध नहीं है। खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए भी यह स्थिति काफी गंभीर है क्योंकि तनाव बढ़ने से हवाई उड़ानों और सुरक्षा पर असर पड़ सकता है। अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि अगर ईरान शांति समझौते के लिए तैयार नहीं होता है, तो आगे और भी कड़ी सैन्य कार्रवाई की जाएगी।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.