ईरान पर अमेरिका और इजरायल के बड़े हमले, गल्फ देशों में भी गिरी मिसाइलें और कई शहरों में हुआ भारी नुकसान
अमेरिका और इजरायल की सेनाओं ने ईरान के कई बड़े शहरों पर शनिवार 28 मार्च को जोरदार हमले किए हैं। इन हमलों में सरकारी दफ्तरों, मिलिट्री बेस और आम लोगों के रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया गया है। ईरान की मीडिया के मुताबिक तेहरान और उसके आसपास के इलाकों में मिसाइल बनाने वाली फैक्ट्रियों पर भारी बमबारी हुई है। इस टकराव का असर अब पड़ोसी देशों और गल्फ रीजन पर भी दिखने लगा है जिससे वहां रहने वाले प्रवासियों में चिंता बढ़ गई है।
हमलों में हुए नुकसान और अब तक की मुख्य जानकारी
शनिवार की सुबह तेहरान सहित कई ईरानी शहरों में लगभग 10 जोरदार धमाके सुने गए। इजरायली सेना ने बयान जारी कर बताया है कि उन्होंने ईरान के उन ठिकानों को तबाह किया है जहाँ से मिसाइलें और अन्य हथियार सप्लाई किए जाते थे। इन हमलों में ईरान की परमाणु सुविधाओं और स्टील प्लांट को भी नुकसान पहुँचा है। गल्फ देशों में रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए भी स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है क्योंकि ईरान ने जवाबी कार्रवाई तेज कर दी है।
| स्थान | नुकसान का विवरण |
|---|---|
| Borujerd (Lorestan) | 7 लोगों की मौत और 36 लोग घायल हुए |
| Zanjan | 5 लोगों की मौत और 7 लोग घायल हुए |
| Kermanshah | 8 लोगों की मौत, जिनमें 4 छात्राएं शामिल हैं |
| Prince Sultan Air Base (Saudi Arabia) | ईरानी हमले में 12 अमेरिकी सैनिक घायल हुए |
| Arak और Ardakan | परमाणु सुविधाओं और स्टील प्लांट को नुकसान पहुँचा |
गल्फ देशों पर असर और जवाबी कार्रवाई की स्थिति
ईरान ने अपनी सुरक्षा के लिए True Promise 4 नाम से नया अभियान शुरू किया है जिसके तहत उसने इजरायल के साथ-साथ सऊदी अरब, UAE, कुवैत और जॉर्डन की तरफ भी मिसाइलें और ड्रोन दागे हैं। यमन के हूती विद्रोहियों ने भी इस लड़ाई में शामिल होने का ऐलान कर दिया है। इस युद्ध की वजह से गल्फ देशों में हवाई यात्रा और सुरक्षा के इंतजामों को लेकर कड़ाई बरती जा रही है।
- ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने पड़ोसी देशों को चेतावनी दी है कि वे अपनी जमीन का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ न होने दें।
- पाकिस्तान, तुर्की और मिस्र इस विवाद को सुलझाने के लिए बातचीत की कोशिश कर रहे हैं।
- अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ऊर्जा केंद्रों पर होने वाले हमलों को 6 अप्रैल तक टालने का सुझाव दिया है।
- सऊदी अरब के एयर बेस पर हुए हमले में अमेरिकी सेना के जवानों को गंभीर चोटें आई हैं।




