US President ने दी ईरान को ‘पाषाण युग’ में भेजने की धमकी, ईरान बोला- 7000 साल पुरानी सभ्यता बमों से खत्म नहीं होती.
अमेरिका और ईरान के बीच जुबानी जंग अब खतरनाक मोड़ पर पहुंच गई है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को ‘पत्थर युग’ (Stone Age) में वापस भेजने की धमकी दी है, जिसका ईरान ने कड़ा जवाब दिया है. ईरान के अधिकारियों का कहना है कि उनकी 7,000 साल पुरानी सभ्यता को बमबारी से तबाह नहीं किया जा सकता. इस तनाव की वजह से खाड़ी देशों में सुरक्षा व्यवस्था काफी कड़ी कर दी गई है और प्रवासियों के बीच भी चिंता का माहौल है.
ℹ: Dubai में Oracle डाटा सेंटर पर ईरान का हमला, IRGC ने किया दावा, Abu Dhabi में भी मिसाइल इंटरसेप्ट.।
ईरान ने ट्रंप की धमकी पर क्या जवाब दिया है?
ईरान के अधिकारियों ने राष्ट्रपति ट्रंप की धमकी को युद्ध अपराध की श्रेणी में रखा है. संयुक्त राष्ट्र में ईरान के मिशन ने कहा कि ट्रंप के बयान उनकी मंशा को साफ करते हैं. ईरान के सेना प्रमुख मेजर जनरल आमिर हातमी ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिकी सेना ने उनकी धरती पर कदम रखा, तो एक भी हमलावर जिंदा वापस नहीं जाएगा. ईरान ने अपनी लंबी संस्कृति का हवाला देते हुए अमेरिका के 250 साल के इतिहास पर भी तंज कसा है. ईरान की मिलिट्री का कहना है कि उनके पास हथियारों का बड़ा भंडार छिपा हुआ है जिसका इस्तेमाल वह वक्त आने पर करेंगे.
इस तनाव से जुड़ी अहम जानकारियां और ताजा अपडेट
| विषय | ताजा अपडेट (2 अप्रैल 2026) |
|---|---|
| ट्रंप की धमकी | 1 अप्रैल की रात को ईरान को पत्थर युग में भेजने का बयान दिया. |
| यूएई की सुरक्षा | ईरान की तरफ से दागे गए 4 मिसाइल और 26 ड्रोन को हवा में नष्ट किया. |
| हॉर्मुज जलडमरूमध्य | व्यापारिक रास्ता कई हफ्तों से ठप है, जिससे सप्लाई पर बुरा असर पड़ा है. |
| हुती विद्रोहियों का हमला | अमेरिका और इसराइल के खिलाफ साझा मिसाइल हमले शुरू किए. |
| अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया | आयरलैंड और फिनलैंड ने बातचीत के जरिए शांति बनाने की अपील की है. |
खाड़ी देशों और प्रवासियों पर इसका क्या असर हो रहा है?
खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों, विशेषकर भारतीयों के लिए यह स्थिति चिंताजनक बनी हुई है. हॉर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से जरूरी सामानों की कीमतों में उछाल आने की संभावना है. यूएई के रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की है कि वे लगातार मिसाइल और ड्रोन हमलों को नाकाम कर रहे हैं. इसके साथ ही ईरान ने जॉर्डन में स्थित अमेरिकी एयरबेस पर भी ड्रोन हमला करने का दावा किया है. जानकारों का कहना है कि अगर यह तनाव और बढ़ा तो इससे पूरे खाड़ी क्षेत्र की अर्थव्यवस्था और सुरक्षा पर बड़ा संकट खड़ा हो सकता है.




