अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ा, कच्चा तेल 106 डॉलर के पार पहुंचा, दुनिया भर में मची हलचल
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के खिलाफ युद्ध जारी रखने का नया ऐलान किया है जिसके बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त उछाल आया है। ट्रंप के इस बयान ने दुनिया भर के बाजारों में खलबली मचा दी है क्योंकि इससे तेल की सप्लाई रुकने का खतरा बढ़ गया है। बाजार के जानकारों का कहना है कि आने वाले दिनों में ऊर्जा संकट और गहरा सकता है।
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कच्चे तेल की कीमतों में कितनी हुई बढ़ोतरी?
ट्रंप के भाषण के बाद तेल की कीमतों में हुई बढ़ोतरी का डेटा नीचे दिया गया है। यह इजाफा सप्लाई चेन में आने वाली रुकावटों और Strait of Hormuz के बंद होने की वजह से देखा जा रहा है।
| कच्चा तेल (Crude Oil) | ताज़ा कीमत (प्रति बैरल) |
|---|---|
| Brent Crude | $106 से ऊपर |
| West Texas Intermediate (WTI) | $104 से ऊपर |
इससे पहले निवेशकों को उम्मीद थी कि युद्ध जल्द खत्म हो जाएगा लेकिन ट्रंप की ताजा धमकियों ने उन उम्मीदों को खत्म कर दिया है। इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) ने चेतावनी दी है कि सप्लाई में कमी की वजह से कई देशों को ऊर्जा की राशनिंग करने की जरूरत पड़ सकती है।
ट्रंप की चेतावनी और ईरान का रुख क्या है?
- राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को 6 अप्रैल तक का अल्टीमेटम दिया है कि वह Strait of Hormuz को दोबारा खोल दे।
- ट्रंप ने धमकी दी है कि अगर ईरान पीछे नहीं हटा तो उसके बिजली उत्पादन केंद्रों और तेल इंडस्ट्री को निशाना बनाया जाएगा।
- ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने ट्रंप के दावों को गलत बताया है और किसी भी तरह के संघर्ष विराम की अर्जी देने से मना किया है।
- ईरानी विदेश मंत्री के अनुसार वे फिलहाल अमेरिका से किसी भी तरह की सीधी बातचीत करने के मूड में नहीं हैं।
- खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों के लिए यह खबर चिंताजनक है क्योंकि तेल महंगा होने से विमान किराया और महंगाई बढ़ सकती है।
मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि Strait of Hormuz का बंद होना वैश्विक ऊर्जा सप्लाई के लिए अब तक का सबसे बड़ा झटका है। ट्रंप ने साफ़ कर दिया है कि जब तक उनकी शर्तें पूरी नहीं होतीं तब तक वे ईरान पर दबाव कम नहीं करेंगे।




