Pakistan में होगी ईरान और अमेरिका के बीच बड़ी बैठक, 15 दिन की मोहलत, Trump ने दिया बड़ा बयान.
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव को कम करने के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार अब पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में दोनों देशों के बीच अहम बातचीत होगी। इस बातचीत के लिए 15 दिन का समय तय किया गया है जिसमें सभी जरूरी पहलुओं को सुलझाया जाएगा। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस मामले में अहम भूमिका निभाते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से दो हफ्ते की मोहलत मांगी है ताकि शांति वार्ता को सफलतापूर्वक आगे बढ़ाया जा सके।
शांति वार्ता के लिए क्या हैं मुख्य शर्तें और प्रस्ताव?
ईरान और अमेरिका के बीच संदेशों का आदान-प्रदान लगातार जारी है और दोनों पक्ष कुछ बुनियादी शर्तों पर चर्चा करने के लिए तैयार हो गए हैं।
- ईरान ने साफ किया है कि वह केवल अस्थायी युद्धविराम नहीं बल्कि विवाद का स्थायी हल चाहता है।
- अमेरिका ने पाकिस्तान के जरिए 15 सूत्री प्रस्ताव भेजा है जिसमें हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को खोलने की मांग की गई है।
- ईरान की मुख्य शर्तों में अमेरिकी और इजराइली हमलों पर पूरी तरह रोक लगाने और भविष्य के लिए गारंटी देने की बात कही गई है।
- डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के 10 बिंदुओं वाले शांति प्रस्ताव को बातचीत शुरू करने के लिए एक ठोस आधार माना है।
- पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने पुष्टि की है कि ईरान और अमेरिका दोनों ही इस्लामाबाद में बैठकर बात करने के लिए राजी हैं।
पाकिस्तान की मध्यस्थता और वर्तमान स्थिति के मुख्य बिंदु
पाकिस्तान इस समय दोनों देशों के बीच पुल का काम कर रहा है और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ईरान से हॉर्मुज जलडमरूमध्य को सद्भावना के तौर पर दो सप्ताह के लिए खोलने की अपील भी की है।
| मुख्य जानकारी | विवरण |
|---|---|
| बातचीत की जगह | इस्लामाबाद, पाकिस्तान |
| तय समय सीमा | 7 अप्रैल 2026 से 15 दिन के भीतर |
| मुख्य मध्यस्थ | प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और विदेश मंत्री इशाक डार |
| ताजा स्थिति | दोनों देशों के बीच मध्यस्थों के जरिए बातचीत जारी है |
पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने इजराइल पर आरोप लगाया है कि वह तेहरान पर हमला करके इस शांति प्रक्रिया को बिगाड़ने की कोशिश कर रहा है। वहीं सऊदी अरब में अमेरिकी कंपनियों से जुड़ी फैक्ट्रियों पर हुए हमले ने भी माहौल को संवेदनशील बना दिया है। इस्लामाबाद में होने वाली यह बैठक खाड़ी देशों और दुनिया भर के लिए बहुत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।




