ईरान ने अमेरिका को दी सीधी चेतावनी, कहा बिजली घरों पर हमला हुआ तो अंजाम होगा बुरा
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA ने साफ कर दिया है कि वह अमेरिकी प्रशासन की हरकतों का हिसाब लेगा। 23 मार्च 2026 को जारी बयान में ईरान ने कहा कि अमेरिका की तरफ से मिल रही धमकियां अंतरराष्ट्रीय नियमों के खिलाफ हैं। ईरान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को पत्र लिखकर अपना विरोध दर्ज कराया है। इस विवाद के बीच खाड़ी क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है जिससे तेल की कीमतों और सुरक्षा पर बड़ा असर पड़ सकता है।
ईरान ने किन ठिकानों को दी है चेतावनी
ईरान ने स्पष्ट किया है कि अगर अमेरिका उसके पावर प्लांट या बिजली के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाता है, तो वह भी चुप नहीं बैठेगा। ईरान के अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि वे पूरे मध्य पूर्व में फैले ऊर्जा और पानी साफ करने वाले प्लांट को निशाना बना सकते हैं।
- ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को पूरी तरह बंद करने की धमकी दी है।
- मिसाइल हमलों के जरिए ऊर्जा ठिकानों को तबाह करने की बात कही गई है।
- ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालबाफ ने कहा कि क्षेत्रीय बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाया जाएगा।
अमेरिका से बातचीत की खबरों का खंडन
ईरानी मीडिया ने उन खबरों को पूरी तरह गलत बताया है जिनमें अमेरिका के साथ किसी भी तरह की बातचीत की बात कही गई थी। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सैन्य कार्रवाई टालने का जिक्र किया था, लेकिन ईरान ने इसे उनकी घबराहट बताया है।
| संबंधित पक्ष | मुख्य कार्रवाई |
|---|---|
| ईरान सरकार | UN में शिकायत और जवाबी हमले की धमकी |
| US प्रशासन | पावर प्लांट पर हमले का अल्टीमेटम |
| मध्य पूर्व क्षेत्र | ऊर्जा ठिकानों पर खतरे का साया |




