Iran USA News: ईरान और अमेरिका की बातचीत फेल, अब ईरान के सभी बंदरगाहों की होगी नाकाबंदी
अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान के इस्लामाबाद में हुई अहम बातचीत बिना किसी नतीजे के खत्म हो गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, ईरानी प्रतिनिधिमंडल अपनी सरकार से संपर्क नहीं कर पाया, जिसकी वजह से समझौता नहीं हो सका। अब अमेरिका ने ईरान के सभी बंदरगाहों को ब्लॉक करने का बड़ा फैसला लिया है, जिससे पूरे इलाके में तनाव बढ़ सकता है।
बातचीत क्यों रही नाकाम और किसने क्या कहा?
ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने बताया कि वे समझौते के बहुत करीब थे, लेकिन अमेरिका की ज्यादा मांगों और बदलते रुख की वजह से बात नहीं बनी। वहीं, ईरानी संसद के स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf ने अमेरिका पर भरोसा न होने की बात कही। दूसरी तरफ, अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance ने साफ किया कि अमेरिका चाहता था कि ईरान परमाणु हथियार न बनाने का पक्का वादा करे। राष्ट्रपति Donald Trump ने भी कहा कि परमाणु मुद्दे पर ईरान अपनी बात से पीछे नहीं हटा, इसलिए यह बातचीत फेल हो गई।
अमेरिका का बड़ा एक्शन और बंदरगाहों की नाकाबंदी
बातचीत फेल होने के बाद अमेरिका ने बहुत सख्त कदम उठाया है। US Centcom ने ऐलान किया है कि 13 अप्रैल 2026 सुबह 10 बजे से ईरान के सभी बंदरगाहों पर आने-जाने वाले जहाजों की नाकाबंदी की जाएगी। यह नियम उन सभी देशों के जहाजों पर लागू होगा जो ईरान के तटों या बंदरगाहों का इस्तेमाल करेंगे। हालांकि, अमेरिका ने यह भी साफ किया है कि Strait of Hormuz से गुजरने वाले उन जहाजों को नहीं रोका जाएगा जो ईरान के बंदरगाहों पर नहीं जा रहे हैं।
समझौता विफल होने की मुख्य वजहें
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| बातचीत की जगह | इस्लामाबाद, पाकिस्तान |
| तारीख | 11 से 13 अप्रैल 2026 |
| मुख्य विवाद | परमाणु हथियार और भरोसा |
| तकनीकी कारण | ईरानी दल का तेहरान से संपर्क टूटना |
| अमेरिकी एक्शन | समुद्री बंदरगाहों की पूर्ण नाकाबंदी |




