Iran-USA Talks: ईरान और अमेरिका के बीच पाकिस्तान में होगी बड़ी बातचीत, युद्ध रोकने के लिए इस्लामाबाद पहुंचे दोनों देशों के प्रतिनिधि
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम करने के लिए पाकिस्तान में एक बड़ी बैठक होने जा रही है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागेर कालिबाफ गुरुवार रात को इस्लामाबाद पहुंचे। दोनों देशों के बीच सीधी बातचीत शनिवार से शुरू होगी, जिससे दुनिया भर में शांति की उम्मीद जगी है।
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बातचीत का मुख्य कारण और शर्तें क्या हैं?
यह बैठक अमेरिका और ईरान के बीच हुए दो हफ्ते के युद्धविराम के बाद हो रही है। इस समझौते को कराने में पाकिस्तान ने अहम भूमिका निभाई है। ईरान ने बातचीत के लिए 10 बिंदुओं का एक प्रस्ताव दिया था, जिसे अमेरिका ने एक सामान्य ढांचे के रूप में स्वीकार कर लिया है। हालांकि, ईरान के प्रतिनिधियों ने कहा है कि अमेरिका के साथ उनके पुराने रिश्तों में भरोसे की काफी कमी रही है।
कौन-कौन ले रहा है इस बैठक में हिस्सा?
| देश/भूमिका | मुख्य प्रतिनिधि और अधिकारी |
|---|---|
| ईरान | अब्बास अराघची और मोहम्मद बागेर कालिबाफ |
| अमेरिका | JD Vance, स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर |
| पाकिस्तान (मध्यस्थ) | प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर |
| निगरानी/प्रभाव | चीन और इजराइल |
क्या बातचीत के बीच कोई अड़चन आ सकती है?
लेबनान में इजराइल के हमलों को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। ईरान का दावा है कि युद्धविराम में लेबनान का मामला भी शामिल था, लेकिन अमेरिका और इजराइल इसे नहीं मान रहे हैं। ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर लेबनान में हमले जारी रहे, तो वे इस समझौते से पीछे हट सकते हैं। दूसरी तरफ डोनाल्ड ट्रंप ने साफ किया है कि जब तक कोई असली समझौता नहीं हो जाता, अमेरिकी सेना क्षेत्र में ही तैनात रहेगी।




